गोरखपुर में पहले तैनात रहे दो इनकम टैक्स अफसर, भाजपा सांसद के जानने वालों से भी जमीन और फ्लैट देने के नाम पर अरविंद ने रुपये ऐंठे थे। ब्रेड कारोबार से जुड़े एक उद्योगपति से सवा दो करोड़ रुपये की उगाही का मामला भी सामने आया है, लेकिन उद्योगपति सामने आने से कतरा रहे हैं। एक नर्सिंग होम के मालिक व चिकित्सक से डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी की है।
जमीन मेरे नाम से है। बिल्डर ने एग्रीमेंट कराया था। स्टांप शुल्क जमा ना करने की वजह से एग्रीमेंट 2013 में स्वत: समाप्त हो गया। वहां कभी कोई रुद्राणी इंफ्रा बिल्डटेक एंड रिटेल नाम का बोर्ड भी नहीं लगा था। यदि किसी को जमीन खरीदना था तो मालिक से संपर्क करना चाहिए। मेरी ना कभी दिनेश से बात हुई और ना ही आज से पहले उन्हें जानता हूं। थाने से पत्र भेजकर बुलाया गया था। अपना पक्ष रखा है। इस मामले से कोई लेना देना नहीं है। वरिष्ठ नागरिक हूं और बेवजह परेशान किया जा रहा है। मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है। -हरिवंश शुक्ला, रिटायर गन्ना उपायुक्त
दिनेश ने डॉ. अरविंद को व्यक्तिगत रूप से रुपये दिए थे। जैसी जानकारी मिली है, उसके मुताबिक उन्होंने व्यक्तिगत चेक भी दिया था। यह उन दो लोगों के बीच का मामला था। कंपनी में जमीन के खरीद फरोख्त के संबंध में कभी कोई रुपया नहीं जमा हुआ है। बेवजह ही मामले में फंसाने की कोशिश की जा रही है। -संजय कुमार जायसवाल, मेयर के बेटे
ना तो मेरा जमीन से कोई लेना देना है और ना ही दिनेश से। पुलिस ने बुलाया था और वहां पर जाकर पूरी जानकारी देकर आ गया। इस मामले से कोई लेना देना नहीं है। -अजय कुमार शाही, निदेशक, आरपीएम एकेडमी