परिवहन विभाग में रोड टैक्स चोरी का एक और नया मामला सामने आया है। इस बार बाइक के दाम मात्र 10 रुपये कम कर टैक्स चोरी का खेल खेला गया है। मामला उजागर होने के बाद दोपहिया वाहनों के कागजातों को ढूंढा जा रहा है। हालांकि जांच में सबसे बड़ी परेशानी फाइलों का न मिलना है। अब तक मिली 26 फाइलों में गड़बड़ी समाने आ चुकी है।
परिवहन विभाग में दोपहिया वाहनों के रजिस्ट्रेशन के वक्त रोड टैक्स दो तरह से लिया जाता है। एक, 40 हजार रुपये या इससे अधिक कीमत की गाड़ियों पर उसकी कीमत का दस प्रतिशत टैक्स लिया जाता है। दूसरा, 39,990 रुपये से नीचे की कीमत की गाड़ियों से सात प्रतिशत रोड टैक्स लिया जाता है। उप परिवहन आयुक्त (डीटीसी) देवेंद्र कुमार त्रिपाठी की जांच में मामला पकड़ में आने के बाद उन्होंने पूरे मामले की जांच आरटीओ प्रवर्तन डॉ. एके गुप्ता को दी है।
सूत्रों के मुताबिक जब जांच शुरू की गई तो 40 हजार रुपये कीमत की गाड़ियों का दाम 39,990 रुपये दिखाकर टैक्स चोरी का पता चला। अब तक 26 गाड़ियों की जांच में गड़बड़ी समाने आ चुकी है। इसके बाद जिस समय की गाड़ियों में गड़बड़ी की गई है, उस समय पंजीकृत हुए वाहनों के फाइलों को निकालने का आदेश दे दिया गया है।
लगभग 1200 रुपये का है अंतर
रोड टैक्स चोरी के मामले की पड़ताल में यह सच सामने आया कि 40 हजार रुपये की बाइक का दाम 39,990 रुपये करके तीन प्रतिशत टैक्स चोरी की गई है। मतलब दस रुपये घटाकर परिवहन विभाग को हर एक गाड़ी में तकरीबन 1200 रुपये का नुकसान पहुंचाया गया है। सूत्रों के मुताबिक तकरीबन 450 गाड़ियों में इस तरह की गड़बड़ी की गई है। जिन गाड़ियों में सर्वाधिक गड़बड़ी सामने आ रही है, उसमें प्लेटिना सबसे ज्यादा है।
दोपहिया वाहनों की रोड टैक्स चोरी की जांच डीटीसी देवेंद्र कुमार त्रिपाठी द्वारा दी गई है। कुछ गाड़ियों में गड़बड़ी मिली है। फाइलों को चेक करने के बाद पूरा मामला सामने आएगा।
- डॉ. एके गुप्ता, आरटीओ प्रवर्तन