फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आयुष्मान भारत योजना : छह माह में एक भी मरीज भर्ती नहीं किए, चार अस्पताल पैनल से बाहर

विज्ञापन
विज्ञापन
आयुष्मान भारत योजना : छह माह में एक भी मरीज भर्ती नहीं किए, चार अस्पताल पैनल से बाहर
विज्ञापन

गोरखपुर। समाज के लक्षित वर्ग के परिवारों को मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में विफल शहर के चार अस्पताल अस्पतालों को आयुष्मान भारत पैनल के बाहर कर दिया गया है। योजना में आच्छादित मरीजों को सेवा देने में फिसड्डी साबित हुए सात अन्य अस्पतालों को भी पत्र लिखकर चेतावनी जारी की गई है।
जानकारी के मुताबिक आयुष्मान भारत योजना के पैनल में शामिल रियाज ऑर्थोपेडिक हॉस्पिटल, मल्ल मैटरनिटी सेंटर, पीएन हॉस्पिटल और जेपी हॉस्पिटल अब पैनल से बाहर कर दिए गए हैं। इसका कारण यह बताया गया है कि पैनल में शामिल किए जाने के छह माह बाद तक इन अस्पतालों ने आयुष्मान भारत योजना के एक भी मरीज को भर्ती नहीं किया। योजना के नियमानुसार पैनल में शामिल अस्पतालों में प्रतिमाह कम से कम एक मरीज को भर्ती करना जरूरी है। यदि कोई अस्पताल छह माह तक एक भी मरीज का इलाज नहीं करता तो उसे निष्क्रिय (इनएक्टिव) घोषित कर पैनल से बाहर निकालने की कार्रवाई की जाती है।
विज्ञापन

सात अन्य पर भी पैनल से बाहर किए जाने की तलवार लटकी
जिले के सात अन्य अस्पतालों पर भी पैनल से बाहर किए जाने की तलवार लटक रही है। आयुष्मान भारत योजना के नोडल कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार मृत्युंजय अस्पताल, अब्बासी हॉस्पिटल, शिवाय मल्टी स्पेशियॉलिटी हॉस्पिटल सहित सात निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना में आच्छादित एक भी मरीज का पिछले एक माह में इलाज नहीं दिया गया। इन सात अस्पतालों की सेवाओं में सुधार नहीं हुआ तो इन अस्पतालों को भी पैनल से बाहर किया जा सकता है।
छह माह से अधिक समय बीत जाने पर भी चार अस्पतालों में योजना के तहत एक भी मरीज का इलाज नहीं किया गया था। कई बार इन अस्पतालों के प्रबंधन को चेतावनी पत्र जारी किया गया। बावजूद, इसके मरीजों को लाभ नहीं दिया गया। इस पर इन्हें पैनल से बाहर कर दिया गया।
विज्ञापन

- डॉ. नीरज कुमार पांडेय, एसीएमओ, नोडल अधिकारी, आयुष्मान भारत योजना
पांच नए अस्पताल पैनल में शामिल
आयुष्मान भारत योजना के पैनल में जिले के पांच नए अस्पतालों को शामिल किया गया है। इनमें सिसोदिया हॉस्पिटल, एक्सिडेंटल केयर हॉस्पिटल, आयशा हॉस्पिटल, एवन हॉस्पिटल और शकुंतला हॉस्पिटल शामिल हैं। आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी ने बताया कि नए अस्पतालों को पैनल में शामिल किए जाने की प्रक्रिया चलती रहती है, इसके तहत पांच नए अस्पतालों को पैनल में शामिल किया गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें