वजीफा और शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए आधार कार्ड की बाध्यता को लेकर समाज कल्याण विभाग सख्त हो गया है। गोरखपुर यूनिवर्सिटी को जारी विभागीय चिट्ठी में साफ कहा गया है कि जिस विद्यार्थी के पास आधार कार्ड नहीं होगा, उसे वजीफे की रकम से वंचित रहना होगा। विभाग के मुताबिक शासन की ओर से जारी नई व्यवस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों तक वजीफा और शुल्क प्रतिपूर्ति को सहजता से पहुंचाना है।
नए नियम के विषय में जानकारी देते हुए गोरखपुर यूनिवर्सिटी के डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि आवेदन वर्ष 2016-17 से सभी छात्रों को अपने आवेदन पत्र पर आधार नंबर तथा नवीनीकरण के आवेदक छात्रों को आधार नंबर के साथ-साथ नामांकन संख्या भरना अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि नवीनीकरण के लिए अर्ह छात्र/छात्राएं नवीन आवेदन न करें, अन्यथा उन्हें छात्रवृत्ति नहीं मिलेगी। आनलाइन आवेदन www.scholarship.up.nic.in/ पर किया जा सकता है। नवीन एवं नवीनीकरण हेतु अंतिम तिथि 30 सितंबर निर्धारित है।
आवेदकों के लिए टिप्स
विश्वविद्यालय से संबंधित संकाय/विभाग में जमा करने के लिए आवेदन पत्र दो प्रतियों में प्रिंट कर एक प्रति अपने पास जरूर रखें। जबकि दूसरी प्रति खुद जमा कर रसीद हासिल कर लें।
जाति, आय एवं निवास प्रमाण पत्र का क्रमांक वेबसाइट से जांच कर लें। साथ ही उसका प्रिंट निकालकर फॉर्म के साथ संलग्न करें।
नवीनीकरण के लिए आवेदन पत्र की कुछ प्रविष्टियां अनिवार्य हैं। इनमें विगत परीक्षा के प्राप्तांक, पूर्णांक, अनिवार्य नान रिफंडेबल शुल्क, मोबाइल नंबर, बचत बैंक खाता संख्या व आइएफएससी कोड आधार कार्ड नंबर एवं इनरोलमेंट नंबर शामिल है।
अनुसूचित जाति/जनजाति संवर्ग के आवेदक कॉलम 40 में नाम रिफंडेबल शुल्क की राशि 172 रुपये ही न भरें। इस कॉलम में यूनिवर्सिटी की ओर से निर्धारित कुल शुल्क की धनराशि ही भरें। इसकी जानकारी समस्त संकायाध्यक्ष/विभागाध्यक्षों के कार्यालयों से प्राप्त की जा सकती है।
नवीनीकरण के अर्ह अभ्यर्थियों की सूची यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
व्यक्तिगत विवरण जैसे 10वीं का अनुक्रमांक व बैंक खाता संख्या किसी से भी साझा न करें।