लखनऊ के व्यापारी का अपहरण कर देवरिया जेल में पिटाई करने की जांच में पुलिस को नए तथ्य हाथ लगे हैं। लखनऊ से देवरिया के बीच टोल टैक्स के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। सूत्रों के मुताबिक इस फुटेज में मोहित और अतीक के गुर्गों की तस्वीर कैद हुई है। इसके जरिए पुलिस गुर्गों को पहचानने में जुटी है। लखनऊ के कृष्णानगर सीओ जल्द ही देवरिया जेल में आकर इस मामले की जांच करेंगे।
26 दिसंबर को लखनऊ के गोमतीनगर से रियल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल का माफिया अतीक अहमद के गुर्गों ने अपहरण कर लिया था। देवरिया जिला जेल में लाकर उसकी पिटाई की गई। किसी तरह से यहां भागकर लखनऊ पहुंचे कारोबारी ने 28 दिसंबर की रात कृष्णानगर थाने में माफिया और उसके गुर्गों के खिलाफ केस दर्ज कराया। वहां की पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। 31 दिसंबर को माफिया अतीक अहमद को देवरिया से बरेली ट्रांसफर कर दिया गया। इस प्रकरण की जांच सीओ कृष्णानगर को सौंपी गई है।
पिछले दिनों जिला जेल में आकर उन्होंने अतीक के बैरक और करीबी बंदियों से पूछताछ की थी। उन्होंने लखनऊ-देवरिया के बीच पड़ने वाले टोल नाके की सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की। इसमें पता चला कि माफिया के गुर्गे मोहित को गाड़ी में बैठाकर लाए थे। फिलहाल पुलिस ने फुटेज अपने कब्जे में ले ली है। सीओ कृष्णानगर लाल प्रताप सिंह का कहना है कि टोल बूथ की सीसीटीवी फुटेज में तस्वीर कैद है। जांच के लिए वह कभी भी फिर देवरिया जेल आ सकते हैं।