गोरखपुर। होली का त्यौहार नजदीक होने और अफसरों के चुनाव में व्यस्त रहने का फायदा उठा रहे मिलावटखोरों पर अब सख्ती शुरू हो गई है। खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन महकमे के प्रमुख सचिव हेमंत राव ने सभी जिलों के खाद्य सुरक्षा विभाग को अलर्ट जारी करते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने होली तक खाने-पीने की दुकानों की निरंतर जांच करने और गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। दूध और उससे बनी खाद्य सामग्रियों की जांच पर विशेष जोर है।
इसी क्रम में ही खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सोमवार को शहर के विभिन्न क्षेत्रों की कई दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने पांच दुकानों से मिठाई आदि के नमूने भी लिए। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनिल कुमार राय के मुताबिक टीम ने गोलघर स्थित खोआ मंडी से संतोष कुमार गुप्ता की दुकान से किसमिस, मेडिकल कालेज स्थित यादव स्वीट हाउस से बूंदी का लड्डू, वहीं पर कान्हा श्याम से नमकीन, घासीकटरा में रामानंद आटा चक्की से बेसन, असुरन के पास अमित कुमार की मिठाई की दुकान से बतीसा का नमूना लिया।
गड़बड़ी मिले तो घुमाए फोन
विभाग के अभिहीत अधिकारी अजीत कुमार ने बताया कि होली तक निरंतर अभियान चलेगा। इस दौरान अगर किसी को कहीं मिलावटी खाद्य सामग्री बनाने की जानकारी मिलती है तो वह उनके मोबाइल नंबर 9450725235 या मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनिल कुमार के मोबाइल नंबर 9454468595 पर सूचना दे सकता है।
घी, नमक, मसाला, तेल-जांच में सब फेल
पहले की तुलना में ज्यादा सख्ती के बाद भी नमूनों की जांच रिपोर्ट जहां खाद्य सुरक्षा विभाग के लिए चुनौती बनी हुई है वहीं शहर के लोगों को भी गंभीर कर देने वाली है। एक अप्रैल से फरवरी 2017 के बीच खाद्य सुरक्षा विभाग ने संदेह के आधार पर 546 नमूने लिए थे। जांच के बाद अब तक 394 की रिपोर्ट आ चुकी है जिनमें से 169 नमूने फेल पाए गए। ज्यादातर नमूने मानक की कसौटी पर खरे नहीं उतर पाए। जिन नमूनों में गड़बड़ी पाई गई उनमें घी, नमक, मसाला, तेल, आईस्क्रीम, दाल समेत खाने-पीने के तकरीबन सभी सामान शामिल हैं।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनिल राय ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस साल दो गुने से ज्यादा दुकानों की जांच के साथ ही नमूने भी लिए गए। इस वित्तीय वर्ष 210 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया। 67 मुकदमों का निस्तारण भी हुआ जिनमें मिलावटखोरों से जुर्माने के तौर पर 6.87 लाख रुपये भी वसूले गए। दूध में मिलावट पर सिविल कोर्ट से एक व्यक्ति को छह माह की सजा सुनाई गई।