लोहिया एन्क्लेव के घटिया निर्माण पर होगी दो फर्मों पर एफआईआर
गोरखपुर। लोहिया एन्क्लेव फेज-एक की खराब गुणवत्ता के मामले में दो फर्मों मां वैष्णो इंफ्राकांट्रेक्ट प्राइवेट लिमिटेड और एचएस कंस्ट्रक्शन के खिलाफ जीडीए एफआईआर दर्ज कराएगा। सोमवार की रात नौ बजे प्राधिकरण के अवर अभियंता आज्ञाराम वर्मा की तरफ से खोराबार थाने में तहरीर भी दे दी गई। इसके पहले एक्सईएन, एई समेत सात अभियंताओं के खिलाफ भी कार्रवाई के लिए कमिश्नर शासन को पत्र लिख चुके हैं। एंन्के्लव के दो ब्लॉकों के 96 फ्लैट निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच रिपोर्ट आने के बाद जीडीए उपाध्यक्ष ए. दिनेश कुमार के नेतृत्व में सोमवार को देर शाम बैठक हुई। तय हुआ कि गुणवत्ता में मिली गड़बड़ी के लिए दोषी मां वैष्णो इंफ्राटेक जबकि दो महीने पहले लोहिया एन्क्लेव के सीसी नाले की दीवार टूटकर गिरने के लिए एचएस कंस्ट्रक्शन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। बैठक के बाद रात नौ बजे तहरीर देकर केस दर्ज कराया गया।
उधर, दो ब्लॉकों की जांच रिपोर्ट में घटिया निर्माण की पुष्टि होने के बाद कमिश्नर के निर्देश पर कॉलोनी के निर्माण कार्य की जांच कर रही तीन सदस्यीय कमेटी ने 13 सितंबर को पूरे दिन बाकी बचे 39 ब्लॉकों से भी ईंट, सीमेंट, आदि निर्माण सामग्रियों का नमूना लिया, जिसे जांच के लिए भेज दिया गया। रिपोर्ट आने पर तय होगा कि और कितनी फर्म और ठेकेदारों पर कार्रवाई होगी। जांच कमेटी में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रथमेश कुमार के अलावा लोनिवि और आरईएस के अधीक्षण अभियंता शामिल हैं।
कमरों से लेकर बाथरूम तक का निर्माण घटिया मिला
जांच कमेटी ने लोहिया एन्क्लेव के दोनों ब्लाकों से लिए नमूनों की क मला नेहरू प्रौद्योगिकी संस्थान सुल्तानपुर से जांच कराई थी। जांच रिपोर्ट में पता चला कि फ्लैट के कमरों से लेकर बाथरूम तक की गुणवत्ता काफी खराब है। फर्श के टाइल्स, खिड़कियों के फाटक, प्लास्टर, बाथरूम के प्लास्टर एवं टाइल्स, कोटा स्टोन आदि का निर्माण मानक के विपरीत पाया गया। साथ ही जांच समिति द्वारा भवन निर्माण में मानक के अनुसार घोर अनियमितता पाई गई। इसी तरह नाले की जांच रिपोर्ट में पाया गया कि निर्माण सामग्री मानक के विपरीत थी। निर्माण एरिया 601 मीटर स्वीकृत था मगर निर्माण मात्र 453.5 मीटर पाया गया। स्वीकृत 90 बीम का निर्माण मानक के विपरीत मिला और नाले की दीवार दो जगह आरसीसी निर्मित नहीं थी। यहीं नहीं प्राधिकरण के अभियंता ने दीवार गिरने की आशंका जताते हुए फर्म को आगाह किया था मगर उसे नजरअंदाज किया गया।
मुख्यमंत्री की नाराजगी पड़ी भारी
निचले स्तर पर सुनवाई नहीं होने से निराश आवंटियों ने घटिया निर्माण को लेकर मुख्यमंत्री से मिलकर अपना दर्द बयां किया था। दो महीने पहले एनेक्सी में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने लोहिया एन्क्लेव के मामले में नाराजगी व्यक्त करते हुए कमिश्नर जयंत नार्लीकर को जांच कराके कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में कमिश्नर ने तीन सदस्यीय कमेटी को जांच सौंपी थी। वहीं आवंटियों ने 12 सितंबर को भी मुख्यमंत्री से मिलकर गुहार लगाई थी जिसपर उन्होंने फिर से नाराजगी व्यक्त कर तत्काल दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसी के बाद कार्रवाई में तेजी आई। अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को लिखा जा चुका है। मुख्यमंत्री सोमवार की शाम गोरखपुर पहुंचे। मंगलवार को वह फरियादियों को सुनेंगे। इस दौरान फिर लोहिया का मामला न उठे इसलिए जीडीए अफसरों ने सोमवार की रात आनन-फानन में दो फर्म पर मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई की।
लोहिया एन्क्लेव के दो ब्लॉकों की जांच रिपोर्ट में गुणवत्ता खराब मिली है जिसपर मां वैष्णो इंफ्राकांट्रेक्ट प्राइवेट लि. तथा निर्माणाधीन नाला गिरने के मामले में भी गड़बड़िया मिलने पर एचएस कंस्ट्रक्शन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए खोराबार थाने को तहरीर भेजी गई है। - राम सिंह गौतम, सचिव, जीडीए