जिलाधिकारी की चेतावनी के बाद भी नहीं सुधरने पर कालाबाजारी करने वाले कोटेदारों के खिलाफ आपूर्ति विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। विभाग ने कालाबाजारी के आरोप में सात कोटेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है।
सप्ताह भर पहले जिलाधिकारी ने जिले के सभी कोटेदारों की बैठक बुलाई थी और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के बारे में विस्तार से बताया था। साथ ही चेतावनी दी थी, अगर कोई कोटेदार राशन की कालाबाजारी करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। कोटेदारों की हकीकत जानने के लिए पिछल दिनों आपूर्ति विभाग की टीम ने विशेष जांच अभियान चलाया और खाद्यान्न वितरण की जांच-पड़ताल की। इसके अलावा लाभार्थियों से भी बातचीत की।
जिला पूर्ति अधिकारी कमल नयन सिंह के नेतृत्व में चले अभियान के दौरान पता चला कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के मानक के अनुरूप कोटेदार राशन का वितरण नहीं कर रहे हैं। कुछ कोटेदार ग्राहकों को कम राशन दे रहे हैं और कई तो ऐसे हैं, जिन्होंने ग्राहकों को राशन ही नहीं दिया। फिर भी अपने रजिस्टर पर वितरण दर्शा दिया। इस पर विभाग ने कोटेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के जिलाधिकारी से अनुमति मांगी, जिसके मिलने जिले के सात कोटेदारों के खिलाफ नजदीकी थाना क्षेत्रों में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
इनके खिलाफ हुई कार्रवाई
राशन की कालाबाजारी करने वाले सरकारी सस्ते-गल्ले के इन दुकानदारों के खिलाफ पूर्ति विभाग ने मुकदमा दर्ज कराया गया है। कौड़ीराम विकास खंड के राउतपार गांव के खूबलाल। सहजनवां विकास खंड के रामपुर गांव के प्रताप नारायण सिंह। कैम्पियरगंज विकास खंड के गांव सनगद के दिनेश अग्रहरी। सरदारनगर विकास खंड के ग्राम बिलारी के दिलीप कुमार। बेलघाट विकास खंड के ग्राम विधनापार गांव के राजेश सिंह। कौड़ीराम विकास खंड के गांव हरदिया के रामदौड़। पिपरौली विकास खंड के गांव जंगल एखलास कुंवर की फलवा देवी।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम की मॉनीटरिंग ऊपर स्तर से हो रही है। राशन की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्हें किसी भी कीमत बख्शा नहीं जाएगी। इस तरह का अभियान आगे भी चलता रहेगा।
- कमल नयन सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी, गोरखपुर