गोरखपुर के चिलुआताल में भगवानपुर के टोला बिचउपुर के पास मंगलवार को देर रात मूर्ति विसर्जन के दौरान हर्ष फायरिग में लगभग आठ लोग घायल हो गए थे। प्रभारी निरीक्षक सूर्यभान सिंह ने थाने पर बताया कि बिचयूपुर में हुई घटना में गोपाल निषाद की तहरीर पर मुख्य आरोपी सुनील निषाद सहित तीन के विरुद्ध नामजद मुकदमा दर्ज किया गया था।
शुक्रवार को दिन में करीमनगर चौराहे से अजय पुत्र रवींद्र को एसआई उमाशंकर उपाध्याय और सिपाही आशुतोष ने मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार किया। आज शनिवार को सुबह मुख्य आरोपी सुनील निषाद पुत्र रामकरन अपने साथी गोलू पुत्र ध्रुव मुखबिर की सूचना के आधार पर गिरफ्तार किया गया।
अजय को शुक्रवार जेल भेज दिया गया और मुख्य आरोपी सुनील और उसके साथी गोलू को शनिवार को ही जेल भेज दिया गया था। सुनील निषाद के पास से 12 बोर का कट्टा, एक खोखा, एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ है। फायरिंग में सुनील के साथी अजय के हाथ में भी छर्रा लग गया था और उसके हाथ में पट्टी बंधी हुई थी।
बताते चले कि भगवानपुर के बीचउपुर टोला में सूरज के दरवाजे पर कई वर्षों से दुर्गा प्रतिमा स्थापित की जाती है। बीती मंगलवार को करीब दस बजे प्रतिमा विसर्जन के लिए ले जाया जा रहा था। विसर्जन जुलूस में गांव का ही सुनील निषाद और उसके दो दोस्त अजय और गोलू भी शामिल थे।
प्रतिमा गांव के बाहर पहुंची ही थी कि सुनील और उसके दोस्तों ने बारह बोर तमंचे से फायर करने की कोशिश की, लेकिन गोली नहीं चली। गोली न चलने की वजह जानने के लिए वह तमंचा नीचे कर रहे थे कि अचानक गोली चल गई। इसमें छर्रा लगने से आठ लोग घायल हो गए थे।