परिवहन निगम के अधिकृत ढाबे के बजाय दूसरे ढाबे पर बस रोकना निचलौल डिपो के चालक और परिचालक को महंगा पड़ गया है। एक यात्री की शिकायत पर क्षेत्रीय प्रबंधक ने एआरएम निचलौल को कार्रवाई का निर्देश दिया है। चालक-परिचालक को इस संबंध में जुर्माना काटा जाएगा। हालांकि जुर्माना कितना होगा, यह एआरएम तय करेंगे।
जानकारी के मुताबिक, निचलौल डिपो की बस सोनौली से दिल्ली जा रही थी। परिवहन निगम ने बसों के रुकने के लिए कैंपियरगंज के जंगल ट्रीट ढाबे को अधिकृत किया है। लेकिन चालक और परिचालक ने दूसरे ढाबे पर बस रोक दी। एक यात्री ने इसकी शिकायत परिवहन निगम के टोल फ्री नंबर 149 पर की, जिसे तत्काल संज्ञान में लेते हुए जीपीएस सिस्टम के जरिए रोडवेज अधिकारियों ने पता कर लिया कि कौन सी बस अधिकृत ढाबे पर न रुककर दूसरे ढाबे पर रुकी थी। रिपोर्ट आने के बाद क्षेत्रीय प्रबंधक सुग्रीव कुमार राय ने निचलौल डिपो के एआरएम को संबंधित बस के चालक और परिचालक से जुर्माना वसूलने का आदेश दिया है।
इस संबंध में उन्होंने बताया कि गोरखपुर रीजन में चार ढाबे अधिकृत हैं। इनमें से तीन गोरखपुर-लखनऊ रूट पर विक्रमजोत में तथा एक कैंपियरगंज में जंगल ट्रीट है। इन ढाबों के अलावा बसें किसी अन्य ढाबे पर नहीं रुक सकती हैं।