जिले के 10 ब्लॉकों में अपने प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित कराने के बाद समाजवादी पार्टी के नेताओं ने शेष नौ ब्लॉकों में भी कब्जेलिए अपनी पूरी ताकत लगा दी हैं। कुछ ऐसे ब्लॉक हैं जहां विपक्ष के नेता उनसे दो दो हाथ करने पर आमादा है। कई ब्लॉकों में परोक्ष रूप से सत्ताधारी दल के लोग ही विपक्ष के नेताओं का समर्थन कर रहे हैं। इन ब्लॉकों में भी प्रशासन की पैनी नजर है। टकराव को रोकने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
शुक्रवार को नामांकन के दौरान आठ ब्लॉकों में सपा समर्थित प्रत्याशियों के निर्विरोध निर्वाचन के बाद सपा नेताओं के हौसले बुलंद हो गए। शनिवार को नाम वापसी के दिन दो और ब्लॉकों के प्रत्याशियों के पर्चा वापस लेने के कारण यहां पर भी सपा प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हो गए। यह और बात है कि उरुवां ब्लॉक की एक प्रत्याशी ने प्रमुख चुनाव के प्रेक्षक और जिलाधिकारी को शपथ पत्र देकर कहा कि उसे जानकारी ही नहीं और उसका पर्चा उठा लिया गया। उसके समर्थन में प्रशासन की ओर से मुहैया कराए गए गनर ने भी कहा कि वह सुबह से घर से निकली ही नहीं तो उनका पर्चा कैसे उठ गया। सच यह है कि सपा जिलाध्यक्ष के छोटे भाई की पत्नी को निर्विरोध प्रमुख बनाने के लिए प्रशासन ने यह चाल चली है।
दूसरी तरफ एक ब्लॉक में सपा समर्थित बाहुबली प्रत्याशी के विरोध में विपक्ष का एक प्रत्याशी मैदान में मजबूती से डटा हुआ है। कहा जा रहा है कि उसकी पहुंच प्रमुख विपक्षी पार्टी के बड़े नेताओं तक है। जहां से उसे पूरी ताकत मिल रही है। कहा तो यह भी जा रहा है कि सत्ता पक्ष से जुड़े कुछ दबंग किस्म के लोग भी विपक्ष के प्रत्याशी के साथ हैं। वह लोग तो सत्ताधारी दल के एक कद्दावर पूर्व जनप्रतिनिधि से मदद करने के लिए कह रहे थे, पर उसने यह कह कर मना कर दिया कि उसकी मदद से उन्हें कोई फायदा नहीं है। फिलहाल, दोनों पक्षों के बीच किसी तरह का टकराव हो सकता है। वहीं, उत्तरांचल के एक ब्लॉक में सत्ता पक्ष के प्रत्याशी को एक पूर्व प्रमुख चुनौती दे रहे हैं। एक के पास सत्ता की ताकत है तो दूसरे के पास विपक्षी दल के एक ताकतवर नेता का खुला समर्थन है। उस क्षेत्र में विपक्ष के नेता की ही चलती है।
एक ब्लॉक में एक माफिया को सत्तारूढ़ दल के नेताओं का खुला समर्थन है। उसके मुकाबले चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी के घर पर पुलिस छापेमारी कर दबाव भले बना ले पर वह पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। दक्षिणांचल के एक ब्लॉक में भी गहमागहमी है। इस ब्लॉक पर एक जनप्रतिनिधि का लंबे समय से कब्जा है। उनके वर्चस्व को तोड़ने के लिए सत्ता दल के नेता पूरी ताकत लगाए हैं।