समाज कल्याण निर्माण निगम ने सड़क निर्माण का ठेका देते वक्त सत्यापन सही ढंग से नहीं कराया। इसी वजह से ठेकेदारों की तरफ से दिए गए विधायक के फर्जी लेटरपैड व हस्ताक्षर को नहीं पकड़ा जा सका। इससे निर्माण निगम के अफसरों की भूमिका सवालों के घेरे में है।
आरोप लग रहे हैं कि ठेकेदार मेसर्स रीना सिंह और मेसर्स अजय कांस्ट्रेक्शन को ठेका देने में मनमानी की जाती है। यह सिलसिला लंबे समय से चल रहा है। इस मामले में अफसरों से मोबाइल फोन पर पक्ष लेने की कोशिश की गई, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। जब भी उनका पक्ष आएगा, उसे प्रकाशित किया जाएगा।
सड़क बनवाने का प्रस्ताव नहीं, फिर भी मिली स्वीकृति
कैंपियरगंज विधानसभा क्षेत्र के पंचगांवा, बरगदही, मडहा और फुलवरिया में इंटरलॉकिंग सड़क व नाली बनाने का प्रस्ताव किसी जनप्रतिनिधि ने नहीं दिया था। साजिश के तहत सड़क व नाली बनवाने का प्रस्ताव दिया गया। इसकी जांच नहीं हुई और प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगा दी।
जब जिला प्रशासन और समाज कल्याण निर्माण निगम की तरफ से सड़क स्वीकृति की जानकारी कैंपियरगंज विधायक फतेहबहादुर सिंह को मिली तो वे अवाक रह गए। विधायक ने कहा कि सड़क, नाली निर्माण का प्रस्ताव ही नहीं दिया था तो स्वीकृति कहां से मिल गई।