पहले फाइलों को गायब करने का आरोप और फिर उनके मिल जाने की बात से आहत मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य प्रो. आरपी शर्मा कॉलेज प्रशासन को लीगल नोटिस देने जा रहे हैं। उन्होंने अमर उजाला से बातचीत में कॉलेज के वर्तमान प्राचार्य पर आरोप लगाया है कि वे उन्हें बदनाम कर छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं।
प्रो. शर्मा ने कहा कि कॉलेज में जो भी फाइल तैयार की जाती है, उसे केवल शासन को भी भेजा जा जाता है। ऐसे में केवल किसी एक कंप्यूटर में फाइलों को डिलीट कर देने का कोई मतलब नहीं। ऐसा आरोप ही बेबुनियाद था। कॉलेज छोड़ने के समय 21 जनवरी को मैंने कॉलेज के नवागत प्राचार्य प्रो. राजीव मिश्रा को सभी फाइलों से अवगत करा दिया था। इसके बाद जब मुझे फाइलों को डिलीट करने के आरोप की जानकारी हुई तो मैंने 29 जनवरी को शासन को पत्र भेजकर अपनी स्थिति साफ कर दी। यही वजह थी कि मुझसे इसे लेकर शासन की ओर से कोई बात नहीं की गई। दो फरवरी को कॉलेज के लिए एमसीआई का एक पत्र मेरे ई-मेल पर आया तो मैंने उसे भी प्राचार्य को फॉरवर्ड कर दिया। इस बेबुनियाद आरोप से मिले दु:ख ने मुझे लीगल नोटिस देने के लिए बाध्य किया है।
बता दें कि पूर्व प्राचार्य प्रो. शर्मा के कॉलेज छोड़कर जाने के एक सप्ताह बाद कॉलेज प्रशासन की ओर से कुछ जरूरी फाइलों के गायब होने के बात उठी और इसके लिए उन्हें दोषी ठहराया गया था। अब जब फाइलों के मिल जाने की बात सामने आई है तो पूर्व प्राचार्य की नाराजगी चरम पर पहुंच गई है।
फाइलों के गायब होने के मामले को मैंने बंद कर दिया है। अब यदि प्रो. शर्मा लीगल नोटिस भेजने की बात कह रहे हैं तो अभी तो मुझे ऐसी कोई नोटिस मिली नहीं है। यदि मिलती है तो उसका विधिक दायरे में जवाब दिया जाएगा।
- प्रो. राजीव मिश्र, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज