स्थानीय निकाय एमएलसी चुनाव में निर्वतमान क्षेत्र पंचायत सदस्य ही मतदाता होंगे। इस सूची में उनका नाम दर्ज करने और पहचान पत्र बनवाने के लिए सभी एडीओ पंचायतों से उनका फोटो एकत्रित कर निर्वाचन कार्यालय में जमा कराने को कहा गया है। उन्हीं ग्रामसभाओं के प्रधान इस चुनाव में वोटर होंगे जिनकी ग्रामसभाएं गठित हो पाई हैं। यही नहीं जिला पंचायत के जिन सदस्यों ने शपथ ग्रहण की है वही वोट डालने के हकदार होंगे। अंतरिम सूची का प्रकाशन शनिवार को किया जाएगा। दो फरवरी तक दावों का निस्तारण होगा जबकि अंतिम प्रकाशन छह फरवरी को होगा।
एमएलसी चुनाव में ग्रामप्रधान, क्षेत्रपंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, नगर निगम के पार्षद, नगर पंचायतों के सभासदों के अलावा सांसद विधायक, एमएलसी मतदाता होते हैं। इसके अलावा गोरखपुर और महराजगंज जिलों के सदस्य भी मतदाता होते हैं। 2009 की मतदाता सूची के आधार पर पिछला चुनाव हुआ था। इसमें गणेश शंकर पांडेय निर्वाचित हुए थे। उनका कार्यकाल 15 जनवरी को खत्म हो गया था। इस बार अभी चुनाव की तिथि घोषित नहीं हुई है, पर उसके मतदाता बनाने की तैयारी जोरों पर है।
शुक्रवार को जिलाधिकारी ने विकास भवन में बैठक बुलाई थी। इसमें उन्होंने सभी एडीओ पंचायत और , बीडीओ, से कहा कि सभी निर्वतमान क्षेत्र पंचायत सदस्यों का फोटो उपलब्ध करा कर उनका नाम मतदाता सूची में शामिल करा दें। निर्वतमान क्षेत्र पंचायत के उन सदस्यों का नाम भी इसमें शामिल किया जा रहा है जिनका कार्यकाल 13 मार्च तक ही है। यदि इनके कार्यकाल के बीच चुनाव हुआ तो वही वोट देंगे। इसके बाद यदि चुनाव होता है तो नव निर्वाचित सदस्य वोट देंगे।
इसी तरह से जिन ग्रामसभाओं का गठन नहीं किया गया है उस ग्रामसभाओं के प्रधान वोटर नहीं होंगे। उसी तरह से जिन जिला पंचायत सदस्यों ने शपथ ग्रहण नहीं की है वह मतदान के अधिकारी नहीं होंगे। निवर्तमान क्षेत्र पंचायत सदस्यों को वोटर बनाने की कवायद तो शुरू हो गई पर जो ग्रामसभाएं सदस्यों के अभाव में गठित नहीं हो पाई हैं उनका चुनाव कब होगा अभी इस बारे में जानकारी नहीं मिल पाई है।