देश के पहले सेकेंड जेनरेशन एथेनॉल प्लांट की पड़ेगी नींव, एलपीजी बॉटलिंग प्लांट की शुरुआत
गोरखपुर। एम्स, खाद कारखाना, गैस पाइपलाइन, एयरपोर्ट विस्तार, रामगढ़ताल समेत तमाम परियोजनाओं के बाद 18 सितंबर को गोरखपुर के विकास की दिशा में एक और अध्याय जुड़ जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस दिन जहां 200 करोड़ की लागत से गीडा में बनकर तैयार आईओसी के एलपीजी बॉटलिंग प्लांट का लोकार्पण करेंगे, वहीं करीब 1200 करोड़ की लागत से धुरियापार चीनी मिल कैंपस में देश के पहले सेकेंड जेनरेशन एथेनॉल प्लांट के साथ ही कंप्रेस्ड बायो गैस प्लांट की आधारशिला रखेंगे।
मुख्यमंत्री योगी और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की धुरियापार में जनसभा भी होगी, हालांकि वे गैस बॉटलिंग प्लांट का लोकार्पण करने गीडा भी जाएंगे। इसे लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। करीब चार साल पहले 2015 में पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ही बॉटलिंग प्लांट की आधारशिला भी रखी थी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से 22 मार्च 2017 को अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी हो पाने की वजह से निर्माण कार्य दो साल देर से शुरू हो सका। कार्यक्रम के पहले मुख्य द्वार समेत कई और अधूरे काम पूरे करने को लेकर प्लांट में तेजी से काम चल रहा है।
नाफेड-आईओसी बनाएंगे कंप्रेस्ड बायो गैस प्लांट
गोरखपुर। सहकारी संस्था नेशनल एग्रीकल्चर कॉर्पोरेशन मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (नफेड) और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसी) मिल कर 150 करोड़ रुपये की लागत से कंप्रेस्ड बॉयो गैस प्लांट लगाएगी। इस प्लांट में गोबर और हरे कचरे को प्यूरीफ ाई कर मीथेन और फिर मीथेन को कंप्रेस करके गैस सिलेंडर में भरकर बॉयो सीएनजी तैयार की जाएगी। प्रतिदिन 20 टन बायो सीएनजी का उत्पादन होगा, जिसे आईओसी अपने पेट्रोल पंप पर 48 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचेगा जिससे वाहन चलेंगे। इस प्रक्रिया में निर्मित होने वाली कंपोस्ट खाद को भी बेचा जाएगा। इससे किसानों की आय बढ़ने के साथ ही लोगों को रोजगार तो मिलेगा ही पर्यावरण संरक्षण भी होगा। बॉयो सीएनजी के लिए गोबर, पराली और अन्य कूड़े किसानों से ही खरीदे जाएंगे। इससे उनकी आमदनी बढ़ेगी। वहीं, पराली जब बिकने लगेगी तो किसान उसे जलाएंगे नहीं। आईओसी के सीडीएसएम अभ्युदय कुमार शाही का कहना है कि कंप्रेस्ड बायो गैस प्लांट, एथेनॉल प्लांट से पहले तैयार हो जाएगा।
बॉटलिंग प्लांट: रोज 61 हजार सिलेंडर की आपूर्ति होगी
गीडा के सेक्टर 15 में 38.5 एकड़ क्षेत्रफल में बने आईओसी के बॉटलिंग प्लांट से रोजाना 61200 सिलेंडर की आपूर्ति हो सकेगी। जरूरत पड़ने पर क्षमता को दोगुना भी किया जा सकता है। गोरखपुर मंडल में रोजाना करीब 25 से 30 हजार सिलेंडर की खपत है। अभी वाराणसी, लखनऊ और इलाहाबाद के प्लांटों से गोरखपुर को आपूर्ति होती है। ठंड के मौसम में कोहरा आदि की वजह से प्राय: गाड़ियां समय से नहीं पहुंच पातीं जिससे सिलेंडर की किल्लत शुरू हो जाती है। मगर अब गोरखपुर और बस्ती मंडल के उपभोक्ताओं की यह परेशानी भी दूर हो जाएगी।
सैकड़ों लोगों को मिलेगा रोजगार
यूं तो आईओसी का बॉटलिंग प्लांट पूरी तरह से ऑटोमेटिक है मगर रोजाना 200 गाड़ियों में 60 हजार से अधिक सिलेंडर चढ़ाने, उतारने समेत तमाम कामों में परोक्ष और अपरोक्ष रुप से सैकड़ों लोगों को रोजगार मिलेगा।
गोरखपुर-बस्ती मंडल में उपभोक्ता
आईओसी-1630004
बीपीसीएल- 664571
एचपीसीएल- 1328149
कोट
जिले के लिए यह सौभाग्य की बात है कि देश का पहला सेकेंड जेनरेशन एथेनॉल प्लांट यहां बन रहा है। इसके अलावा कंप्रेस्ड बायो गैस प्लांट की भी नींव रखी जाएगी। बॉटलिंग प्लांट शुरू हो जाने से गोरखपुर मंडल ही नहीं आस-पास के जिलों में भी रसोई गैस की किल्लत दूर हो जाएगी। तीनों परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान 18 सितंबर को करेंगे। धुरियापार में उनकी जनसभा भी होगी।- के. विजयेंद्र पांडियन, डीएम