एडिशनल सीएमओ की अगुवाई में बृहस्पतिवार को हुए स्वास्थ्य केंद्रों के निरीक्षण में खजनी स्वास्थ्य केंद्र की हालत बेहद खराब मिली। यहां पर इंसेफेलाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर (ईटीसी) खुला तो मिला लेकिन न तो वहां ऑक्सीजन सिलिंडर था और न ही सेक्शन मशीन थी। कर्मचारी भी इस दौरान गैरहाजिर मिले। इस पर एडिशनल सीएमओ ने नाराजगी जाहिर करते हुए 24 घंटे में व्यवस्था सुधारने की चेतावनी दी है, जबकि बेलघाट स्वास्थ्य केंद्र की हालत संतोषजनक मिली।
जिले में डेंगू और चिकनगुनिया के बढ़ते मामले को देखते हुए एडिशनल सीएमओ डॉक्टरों की टीम के साथ स्वास्थ्य केंद्रों की हकीकत जानने निकले थे। इस दौरान खजनी स्वास्थ्य केंद्र की हालत सबसे खराब मिली। मरीजों के बेड पर चादर भी गंदे मिले। दस संविदा कर्मचारी के अलावा स्थायी कर्मचारी भी गैरहाजिर थे। इसके बाद टीम डेरवा स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। यहां प्रसव रजिस्टर ही नहीं भरा गया था। एक महीने तक केंद्र पर कितने प्रसव हुए है इसका कोई रिकॉर्ड ही नहीं मिला। रजिस्टर में भी छेड़छाड़ की गई थी।
एडिशनल सीएमओ डॉ. एसके पांडेय ने चेतावनी देते हुए सीएमओ से जांच की सिफारिश करते हुए दोषी एएनएम का वेतन बाधित करने को कहा है। इसके अलावा गैरहाजिर मिले सभी कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। वहीं एक दिन के मानदेय रोकने का आदेश हुआ है। बेलघाट स्वास्थ्य केंद्र का भी निरीक्षण किया गया, यहां पर सब संतोषजनक पाया गया है।