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जांच की जद में सूबे के अनुदानित मदरसे

Thu, 04 May 2017 01:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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MADARSA
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मान्यता और ग्रांट के लिए तय मानक की अनदेखी कर अनुदान लेने वाले मदरसों की जांच शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर शुरू हुई इस जांच की रिपोर्ट स्थानीय अधिकारियों को 31 मई तक शासन को भेजनी है। आलिया स्तर (हाईस्कूल) के मदरसों की जांच जिला अल्संख्यक कल्याण अधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक को करनी है तो उच्च आलिया स्तर (इंटरमीडिएट) के मदरसों की जांच तीन सदस्यीय कमेटी को।
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उच्च आलिया स्तर के अनुदानित मदरसों की जांच कमेटी में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक और डीएम की ओर से नामित सदस्य शामिल होंगे। अनुदानित मदरसों की जांच रिपोर्ट डीएम के जरिये निदेशालय अल्पसंख्यक कल्याण विभाग और रजिस्ट्रार उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद, लखनऊ को भेजनी है। सूबे के 58 जिलों के अनुदानित मदरसे जांच के दायरे में हैं।

संयुक्त सचिव अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ  भवेश रंजन ने 25 अप्रैल को अल्पसंख्यक कल्याण निदेशक को इसके लिए पत्र भेजा था। इसमें सूबे के अनुदानित आलिया और उच्च आलिया स्तर के मदरसों में गुणवत्ता और रोजगारपरक शिक्षा के लिए जरूरी आधारभूत सुविधाओं की कमी से उद्देश्यों की पूर्ति न होने की बात कही गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से अनुदानित मदरसों का स्थलीय और भौतिक सत्यापन कराने के आदेश का हवाला देते हुए इनकी समयबद्ध जांच कराकर रिपोर्ट भेजने के लिए कहा था। यह पत्र अब सभी जिलों में पहुंच चुका है। इस पर काम भी शुरू हो गया है।  
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सात बिंदुओं पर होगी जांच 
जांच उत्तर प्रदेश अशासकीय अरबी और फ ारसी मदरसा मान्यता, प्रशासन व सेवा नियमावली एवं शर्तों के आलोक में होनी है। जांच के लिए संयुक्त सचिव भवेश रंजन ने प्रारूप भी भेजा है। इसमें 7 कॉलम दिए गए हैं। प्रपत्र में मदरसों का विवरण, भवन का विवरण, छात्र संख्या, शिक्षकों की संख्या, मदरसों में अभिलेखों का रख-रखाव, पुस्तकालय का विवरण भी देना है। अंत में मदरसा मानक पूर्ण करता हैं या नहीं, इसकी भी जानकारी देनी है।

गोरखपुर के 10 मदरसों की होगी जांच
गोरखपुर के 10 अनुदानित मदरसे जांच की जद में आएंगे। शहर में चार और ग्रामीण इलाके के छह अनुदानित मदरसे इसमें शामिल हैं। मदरसा दारुल उलूम हुसैनिया दीवान बाजार के प्रधानाचार्य हाफि ज नजरे आलम कादरी ने बताया कि मदरसा नियमावली में समय-समय पर संशोधन होते रहे हैं। वर्ष 2016 में नियमावली में पूर्व मंत्री आजम खान के कार्यकाल में काफ ी संशोधन हुआ था। उसी के परिप्रेक्ष्य में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जांच के आदेश दिए हैं।

गोरखपुर के उच्च आलिया स्तर के मदरसे जिनकी होगी जांच
1- मदरसा अंजुमन इस्लामियां खूनीपुर
2- मदरसा जियाउल उलूम पुराना गोरखपुर
3- मदरसा अरबिया शमसुल उलूम सिकरीगंज
4- मदरसा अनवारुल उलूम गोला बाजार
5- मदरसा दारुल उलूम हुसैनिया दीवान बाजार
6- मदरसा जामिया रजविया मेराजुल उलूम चिलमापुर
7- अंजुमन इस्लामियां उनवल

आलिया स्तर के अनुदानित मदरसे
1- मदरसा जामिया रजविया गोला बाजार
2- मदरसा मिस्बाहुल उलूम असौजी बाजार
3- मदरसा मकतब बहरुल उलूम बड़गो

उच्च आलिया स्तर के मदरसों की जांच के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजा गया है। उम्मीद है कि शुक्रवार को उनकी ओर से एक सदस्य नामित किया जा सकता है। जिले में 10 मदरसों की जांच करनी है। तय समय सीमा में यह काम पूरा कर लिया जाएगा।
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- धर्मदेव त्रिपाठी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी
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