दो मददगार समेत अंतर्जनपदीय गिरोह के 16 जालसाज गिरफ्तार
गोरखपुर। कैंट पुलिस और क्राइम ब्रांच की स्वॉट टीम ने रविवार को अंतर्जनपदीय गिरोह के 14 जालसाजों व उनके दो स्थानीय मददगारों को गिरफ्तार कर लिया। अभी तीन और आरोपी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। पुलिस ने इनके पास से बड़ी मात्रा में जेवरात, मास्टर चाबी, लॉक खोलने का औजार और 13900 रुपये बरामद की है।
एसपी सिटी डॉ कौस्तुभ, सीओ क्राइम प्रवीण सिंह और सीओ कैंट सुमित शुक्ला ने बताया कि शहर में पिछले एक महीने से लगातार जालसाजी कर जेवरात और रुपये गायब करने की घटनाएं हो रही थीं। क्राइम ब्रांच और कैंट पुलिस को इसके आरोपियों को पकड़ने के लिए लगाया गया था। रविवार की सुबह अभियान चलाकर मुखबिर की सूचना पर जालसाजी के 16 आरोपियों को क्राइम ब्रांच और कैंट पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। जबकि तीन अन्य फरार हो गए। गिरफ्तार आरोपियों में दो स्थानीय मददगार हैं। पुलिस के अनुसार पकड़े गए आरोपियों पर गैंगेस्टर भी लगाया जाएगा।
इनके पकड़े जाने से गोरखनाथ, कैंट और तिवारीपुर इलाके में हुईं चार जालसाजी की घटनाओं का पर्दाफाश हुआ है। एसपी सिटी ने बताया कि सभी जालसाज पहले रेकी करते थे और बाद में अलग-अलग टोली बनाकर घटना को अंजाम देते थे। इन्होंने गोरखपुर जोन के देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, बस्ती, संतकबीरनगर सहित अन्य जिलों में भी जालसाजी की घटनाओं को अंजाम दिया है। सभी जगहों से जानकारी जुटाई जा रही है।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में इंस्पेक्टर कैंट रवि राय, कलेक्ट्रेट चौकी इंचार्ज शेष कुमार शर्मा, स्वॉट प्रभारी सादिक परवेज, दरोगा मदन मोहन मिश्र, अक्षय मिश्र, संजय कुमार सिंह, चंद्रभान सिंह, अमित कुमार सिंह, धीरेंद्र राय, सिपाही शशिकांत राय, शाहिद खान, सनातन सिंह, कुतुबुद्दीन, विपेंद्र मल्ल, कामेश्वर दूबे आदि पुलिसकर्मी शामिल रहे।
इनकी हुई गिरफ्तारी
गिरफ्तार होने वाले जालसाजों में फिरोजाबाद निवासी सरगना दिनेश, मैनपुरी निवासी हरिश्चंद्र, फिरोजाबाद निवासी गौरव, सोनू, सुरेंद्र, भोलू, हाथरस निवासी बबलू, राजकुमार, राकेश, फिरोजाबाद का मनोज कुमार, हाथरस का बबलू लाल, अशोक, हरि उर्फ हरिया, आकाश और गोरखपुर के जटेपुर उत्तरी निवासी राजन पांडेय और कोतवाली का दीपू उर्फ दीपक शामिल है। वहीं फिरोजाबाद का बॉबी और गोरखपुर के हुमायूंपुर निवासी मददगार राममूरत और जलालुद्दीन उर्फ बिहारी फरार हैं।
ऐसे करते थे जालसाजी
पुलिस के अनुसार, सभी जालसाज एक साथ किसी भी शहर में जाते हैं। स्थानीय मददगार उन्हें धर्मशाला, होटल और गाड़ी मुहैया कराते हैं। इसके बाद स्थानीय मददगार द्वारा की गई रेकी के स्थानों रेलवे स्टेशन, गांवों, मोहल्लों, भीड़-भाड़ वाले इलाकों में पांच-पांच की टोली बनाकर लोगों को मुर्ख बनाकर उनकी रकम, जेवरात आदि लेकर गायब हो जाते हैं। एक शहर में ये एक से दो माह तक रहते हैं। ये कपड़ा बेचने या झाड़ फूंक करने, कागज की गड्डी थमाकर या फिर कभी-कभी पुलिस वाला बनकर घटनाओं को अंजाम देते हैं। एसपी सिटी ने बताया कि होटलों में ये फेरी वाला बनकर ही जाते हैं और अधिकांश अपनी ही आईडी देकर रहते हैं।
40 बार आ चुके हैं गोरखपुर
पुलिस के अनुसार, पकड़े गए जालसाजों ने पूछताछ में बताया कि इनमें से कुछ जालसाज यहां 40 बार आ चुके हैं। इनके गैंग का सरगना दिनेश है। दिनेश, मनोज और हरि पहले भी गोरखपुर से वर्ष 2010 और 2015 में जेल जा चुके हैं। ये बसों, ट्रेनों और ऑटो में भी चढ़ जाते हैं और खासकर महिला यात्रियों को झांसा देकर उनका सामान चोरी कर लेते हैं।
स्थानीय मददगार एक दिन में लेते थे 1000 से 1500 रुपये
पुलिस के अनुसार स्थानीय मददगार जालसाजों से मदद के नाम पर एक दिन में 1000 से 1500 रुपये लेते हैं। पकड़ा गया मददगार राजन पांडेय रेलवे स्टेशन से बस चलवाता है। जालसाजों को बस में बैठाने के लिए वह मोटी रकम लेता था।
इन घटनाओं का हुआ पर्दाफाश
पुलिस ने बताया कि इनके पकड़े जाने से 4 दिसंबर 2019 को कैंट के रेलवे स्टेशन के पास बस में महिला के साथ हुई जालसाजी, 14 दिसंबर 2019 को विजय चौक पर युवक के साथ हुई जालसाजी, 19 सितंबर 2019 को गोरखनाथ के धर्मशाला स्थित पीएनबी शाखा के सामने हुई गड्डीबाजी और 9 दिसबंर 2019 को तिवारीपुर इलाके के सूरजकुंड मोहल्ले में झाड़ फूक के नाम पर महिला के साथ जेवरात की जालसाजी की घटना का पर्दाफाश हुआ है।