मेडिकल कॉलेज में बीते करीब पंद्रह दिनों से एक्सरे मरीजों की मुसीबत बढ़ा रही है। डिजिटल प्लेटें खत्म होने की वजह से मरीजों को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है। सामान्य मरीज तो फिर भी सिर्फ आर्थिक नुकसान उठा रहे हैं मगर ऑपरेशन वाले मरीजों का दर्द बढ़ ही जा रहा है। कई मरीज तो ऐेसे भी है, जिनके ऑपरेशन से चंद घंटे बाद ही एक्सरे की जरूरत पड़ जा रही है और बाहर तक तीमारदार उन्हें जैसे तैसे ले जा रहे हैं।
महराजगंज छपवां की रहने वाली 55 वर्षीय रामरती देवी के दाएं पैर का ऑपरेशन हुआ है। डॉक्टर ने शुक्रवार को उन्हें डिजिटल एक्सरे कराने की सलाह दी। बोला कि एक्सरे देखकर ही हड्डी का अंदाजा लगेगा और प्लास्टर होगा। इसके बाद तीमारदार स्ट्रेचर लेकर मेडिकल कॉलेज के एक्सरे कक्ष में पहुंचे। वहां पहुंचने के बाद उन्हें प्लेट खत्म होने की बात बताई गई। इसके बाद तीमारदार गेट के बाहर स्थित एक प्राइवेट डायग्नोसिस्टक सेंटर ले गए और एक्सरे करवाया। रामरती देवी सिर्फ एक उदाहरण है। इस तरह से रोजाना कई मरीजों को सांसत झेलनी पड़ रही है। एसआईसी डॉ. एके श्रीवास्तव का कहना है कि प्लेट के लिए ऑर्डर भेजा जा चुका है, जल्द ही प्लेट आ जाएगी, इसके बाद मरीजों को परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी।