अगर किसी सरकारी अफसर-कर्मचारी का दो या उससे अधिक विधानसभाओं की मतदाता सूची में नाम है तो उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। ऐसे कर्मचारी अब सिर्फ कार्यस्थल वाले विधानसभा क्षेत्र में ही मतदान कर सकेंगे। बाकी सभी विधानसभाओं की वोटर लिस्ट से उन्हें नाम कटवाना पड़ेगा। इस संबंध में प्रदेश के मुख्य निर्वाचन आयोग अरुण सिंघल ने प्रदेश के सभी प्रमुख सचिव को निर्देश जारी कर दिया है जहां से संबंधित विभागों को भी फार्म सात (वोटर लिस्ट से नाम कटवाने का फार्म) के साथ पत्र जारी किए जा रहे हैं।
जिले में भी प्रशासन, परिवहन विभाग समेत कई विभागों को सोमवार को शासन का निर्देश मिला। हालांकि उप जिला निर्वाचन अधिकारी व एडीएम (प्रशासन) लवकुश त्रिपाठी का कहना है कि उन्हें अभी आयोग का पत्र नहीं मिला है। उनका कहना है कि प्राय: सरकारी अधिकारी-कर्मचारी मूल निवास वाली विधानसभाओं में वोट नहीं डाल पाते।
बता दें कि दो या उससे अधिक विधानसभाओं की वोटर लिस्ट में जिनके नाम हैं, उनके मूल निवास वाले विधानसभा को छोड़कर बाकी सभी विधानसभाओं की वोटर लिस्ट से नाम कटवाने के लिए लोकसभा चुनाव 2014 के पहले से आयोग अभियान चला रहा है। सिर्फ गोरखपुर जिले में ही ऐसे वोटरों की संख्या करीब तीन लाख पाई गई थी। आयोग का कहना है कि दूसरों को नजीर पेश करने के पहले सरकारी महकमों में काम करने वाले अफसरों-कर्मचारियों को मतदाता सूची से संबंधित गड़बड़ियों को दुरुस्त करना होगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने शासन से अपील की है कि वे सभी विभागों को फार्म-सात उपलब्ध कराएं। जिन भी अफसरों-कर्मचारियों के नाम दो या उससे अधिक विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में हैं तो कार्यस्थल छोड़कर बाकी सभी विधानसभाओं की वोटर लिस्ट से उनके नाम कटवा दिए जाएं।