अफसरों पर भी गिरेगी अंडरग्राउंड वायरिंग में धांधली की गाज
गोरखपुर। अंडरग्राउंड वायरिंग में धांधली की गाज बिजली निगम के अफसरों पर भी गिरेगी। जिन अफसरों की संलिप्तता रही है, उनकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। जल्द ही विभागीय कार्रवाई होगी। दूसरी तरफ, धांधली में एफआईआर से बिजली निगम के अफसर, कर्मचारी दहशतजदा हैं। ज्यादातर को गर्दन फंसने का डर सता रहा है। इसकी चर्चा भी शुक्रवार को निगम के दफ्तरों में रही है।
गोलघर और पुर्दिलपुर के अंडरग्राउंड वायरिंग में गड़बड़ी की गई है। इस खुलासे के बाद जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पांडियन ने कड़ा रुख अपनाया और सिटी मजिस्ट्रेट की अगुवाई कमेटी गठित करके मामले की जांच कराई। गड़बड़ी की पुष्टि होने के बाद ही जिलाधिकारी ने फर्म के खिलाफ केस दर्ज कराने का आदेश दिया। साथ ही रिपोर्ट बनाकर शुक्रवार को शासन को भेज दी। जिलाधिकारी का कहना है कि बिजली निगम के कुछ अफसरों की भूमिका संदेह के घेरे में है। इन सबके खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को लिखा गया है। पूरे मामले की छानबीन कराई जा रही है। जो भी दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। काम की गुणवत्ता से खिलवाड़ करने वालों की जगह जेल है।
बिजली निगम की जांच कमेटी भी गठित
अंडरग्राउंड वायरिंग में धांधली की जांच अब बिजली निगम की तरफ से कराई जाएगी। मुख्य अभियंता देवेंद्र सिंह ने बताया कि चार सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
निगरानी कमेटी के खिलाफ होगी कार्रवाई
अधिशासी अभियंता एके सिंह ने निगरानी कमेटी के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश निगम के चेयरमैन से की है। यह काम लखनऊ की एक फर्म कर रही है। नियमानुसार काम की रिपोर्ट फर्म ही लगाती है, फिर अधिशासी अभियंता, एसडीओ और अवर अभियंता फाइल पर हस्ताक्षर करते हैं। हालांकि निगरानी में एसडीओ और अवर अभियंता भी रहते हैं।