गोरखपुर यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ की चुनाव तिथि को लेकर चार दिनों से चल रही कवायद पर शनिवार को विराम लग गया। जिला प्रशासन से तालमेल बैठाने के बाद यूनिवर्सिटी की टीम ने 21 सितंबर को चुनाव कराने घोषणा कर दी। इस बार टीम ने केवल चुनाव तारीख की घोषणा नहीं की बल्कि समूचा कार्यक्रम भी घोषित कर दिया। टीम के मुताबिक चार पदाधिकारियों समेत 34 प्रतिनिधि पद के लिए प्रत्याशी 13 और 14 सितंबर को नामांकन करेंगे। नामांकन पत्रों की बिक्री का क्रम रविवार से ही शुरू हो जाएगा।
तय कार्यक्रम के तहत शनिवार को पूरे दिन इंतजार के बाद छात्रसंघ के चुनाव अधिकारी प्रो. संजय बैजल टीम के साथ शाम चार बजे संवाददाताओं से मुखातिब हुए और विस्तृत चुनाव कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चुनाव से अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महामंत्री पुस्तकालय मंत्री के अलावा आठ कला संकाय प्रतिनिधि, पांच-पांच छात्रावास, विज्ञान, वाणिज्य व विधि संकाय प्रतिनिधि और दो शिक्षा संकाय प्रतिनिधि चुने जाएंगे। दो महिला छात्रावास को एक ही यूनिट माना गया है, इसलिए इसके लिए एक ही प्रतिनिधि का चुना जा सकेगा। प्रतिनिधि के लिए वही प्रत्याशी पर्चा दाखिल कर सकेंगे, जो संबंधित छात्रावास या संकाय से जुड़े होंगे। प्रतिनिधियों के प्रस्तावकों और समर्थकों के लिए भी यही नियम लागू होगा। नामांकन की जांच के दौरान यदि इसका उल्लंघन पाया गया तो प्रत्याशिता रद्द कर दी जाएगी। पदाधिकारियों को नामांकन पत्र हासिल करने के लिए 300 रुपये और प्रतिनिधियों के लिए 200 रुपये फीस निर्धारित की गई है।
उन्होंने बताया कि चुनाव तिथि की घोषणा के साथ ही चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है। लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों में शामिल आचार संहिता के 34 बिंदुओं के दायरे में प्रत्याशियों पर नजर रखी जा रही है। परिसर में 34 कैमरे लगाए गए हैं, जिनसे प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की निगरानी शुरू हो गई है। इसके लिए मुख्य कार्यक्रम के दौरान वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई जाएगी। आचार संहिता के किसी प्रकार का उल्लंघन सिद्ध होने पर प्रत्याशी को चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा। यदि चुनाव बाद भी उल्लंघन की पुष्टि होती है तो जीते प्रत्याशी का निर्वाचन रद्द करने की कार्रवाई की जा सकती है।
यूनिवर्सिटी और शहर की अन्य सामूहिक दीवारों पर लगाए गए बैनर-पोस्टर को लेकर संबधित प्रत्याशी पर कार्रवाई के सवाल पर प्रो. बैजल ने कहा कि आचार संहिता लगने के बाद कार्रवाई पर विचार किया जाएगा। फिलहाल जो पोस्टर-बैनर लगे हैं, उन्हें हटाने के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम को पत्र लिखा जा चुका है। इसके अलावा एसएसपी से पुलिस और पीएसी बल की मांग की गई है, जिसे उपलब्ध कराने का उन्होंने आश्वासन दिया है।
महिला हॉस्टल में नहीं जा सकेंगे छात्र
चुनाव अधिकारी प्रो. संजय बैजल ने बताया कि किसी तरह की अभद्रता न हो, इसके लिए लक्ष्मीबाई और अलकनंदा महिला हॉस्टलों में प्रत्याशियों के जाने पर रोक रहेगी। छात्राओं के बीच प्रचार कार्य छात्रनेता केवल यूनिवर्सिटी परिसर में ही कर सकेंगे। यदि किसी प्रत्याशी के खिलाफ महिला हॉस्टल में जाने की शिकायत मिली तो उसके खिलाफ प्रत्याशिता रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी।
ग्रिवांस सेल से की जा सकेगी शिकायत
प्रत्याशियों के खिलाफ किसी तरह की शिकायत के लिए विधि विभाग के प्रो. आर के पाठक के नेतृत्व में पांच सदस्यीय ग्रिवांस सेल का गठन किया गया है। इस सेल में रजिस्ट्रार के अलावा, एक-एक वरिष्ठ शिक्षक, छात्र व छात्रा शामिल होंगी। ग्रिवांस सेल चुनाव संबंधी लिखित शिकायत की जांच करेगी और शिकायत सही पाए जाने पर रिपोर्ट चुनाव अधिकारी को प्रस्तुत करेगी, जिसके आधार पर प्रत्याशी के खिलाफ कार्रवाई तय की जाएगी।
चुनाव कार्यक्रम
कार्यक्रम तिथि समय
नामांकन पत्र वितरण 11 व 12 सितंबर सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक
नामाकंन पत्र दाखिला 13 सितंबर (पदाधिकारी) सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक
14 सितंबर (प्रतिनिधि) सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक
नामांकन पत्रों की जांच 15 सितंबर (पदाधिकारी) सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक
16 सितंबर (प्रतिनिधि) सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक
वैध प्रत्याशी सूची प्रकाशन 16 सितंबर शाम 5 बजे
पर्चा वापसी की तिथि 17 सितंबर दोपहर 11 से 3 बजे तक
अंतिम नामांकन सूची प्रकाशन 17 सितंबर शाम 5 बजे
मतदान 21 सितंबर सुबह 9 से शाम 3 बजे तक
मतगणना 21 सितंबर शाम 5 बजे से
चुनाव परिणाम घोषणा 21 सितंबर मतगणना समाप्त होने पर
नामांकन के दौरान बरती जाने वाली सावधानी
- प्रत्याशी नामांकन पत्र संख्या और इस पर लिखे प्रस्तावक और समर्थकों के नाम अपने पास भी जरूर रखें
- प्रतिनिधि पद के प्रत्याशी के प्रस्तावक व समर्थक उसी पद के निर्वाचक मंडल का होना जरूरी है
- नामांकन पत्र की जांच के समय प्रत्याशी और समर्थक और प्रस्ताव को परिचय पत्र के साथ उपस्थित होना होगा
- नामांकन पत्र के साथ जन्मतिथि के साक्ष्य के लिए हाईस्कूल प्रमाण पत्र की स्वप्रमाणित छायाप्रति संलग्न करना होगा। जांच के दौरान नोटरी के साथ प्रमाण पत्र की मूल प्रति लाना होगा
- शिक्षक बकाया न होने की पुष्टि के लिए नामांकन पत्र के साथ पिछले सत्र की मार्कशीट की स्वप्रमाणित छायाप्रति संलग्न करना होगा। जांच के दौरान मूल प्रति भी प्रस्तुत करना होगा
- नामांकन पत्र के साथ विकृत चित्त न होने के साक्ष्य के तौर पर किसी रजिस्टर्ड डॉक्टर द्वारा जारी मेडिकल सर्टिफिकेट लगाना होगा
प्रत्याशियों के लिए आचार संहिता का प्रारूप
- चुनाव प्रचार एवं मतदान के समय भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आम चुनावों के लिए घोषित आदर्श मानकों का यथासंभव पालन यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव में सख्ती से कराया जाएगा
- चुनाव प्रचार एवं प्रसार सामग्री में किसी राजनीतिक दल की प्रतिबद्धता एवं संबद्धता व्यक्त नहीं की जा सकेगी
- प्रचार के लिए यूनिवर्सिटी के शैक्षिक व आवासीय परिसर और यूनिवर्सिटी के बाहर किसी भवन, परिसर, सार्वजनिक स्थल व राजकीय भवनों की दीवारों पर पेटिंग आदि पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा
- यूनिवर्सिटी, किसी एजेंसी या व्यापारिक प्रतिष्ठान द्वारा लगाए गए होर्डिंग को न तो रंगा जाएगा और न ही उस पर वोट हासिल करने का आग्रह किया जाएगा
- कक्षाओं के दौरान चुनाव प्रचार नहीं होगा। प्रत्याशी एवं उसके समर्थक कक्षा में जाकर प्रचार नहीं करेंगे और न ही भवन में नारे लगाकर कक्षाओं की शांति भंग करेंगे। प्रत्याशी एवं उसके समर्थक कक्षाओं के बाद एवं मध्यावकाश के समय ही प्रचार कर सकेंगे
- यूनिवर्सिटी कैंपस एवं उसके बाहर लाउडस्पीकर का इस्तेमाल भी प्रतिबंधित रहेगा
- चुनाव प्रचार के दौरान एक प्रत्याशी एक बार ही जुलूस निकाल सकेगा। इसकी अनुमति चीफ प्रॉक्टर या चुनाव अधिकारी से लेनी होगी
- जुलूस यूनिवर्सिटी परिसर के बाहर नहीं निकाला जाएगा
- चीफ प्रॉक्टर की अनुमति से ही प्रत्याशी यूनिवर्सिटी कैंपस में कक्षाओं के बाद मीटिंग कर सकेंगे। इसमें बाहरी व्यक्तियों को शामिल करने की अनुमति नहीं होगी
लिंगदोह कमेटी के अनुसार प्रत्याशियों के लिए मानक
- प्रत्याशी के लिए विश्वविद्यालय का नियमित छात्र होना जरूरी, पत्राचार अथवा निजी विद्यार्थी को चुनाव में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं
- प्रत्याशी के लिए कक्षाओं में न्यूनतम 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य
- स्नातक स्तर के प्रत्याशी के लिए आयु सीमा 22 वर्ष, परास्नातक स्तर के लिए 25 वर्ष तथा शोध छात्र के लिए 28 वर्ष
- बैक पेपर या फिर शैक्षणिक बकाए वाला विद्यार्थी चुनाव नहीं लड़ सकेगा
- चुनाव में अधिकतम एक प्रत्याशी पांच हजार रुपया तक ही खर्च कर सकेगा
- खर्च या किसी भी नियम के उल्लंघन पर चुनाव निरस्त हो जाएगा
- प्रत्याशी को यूनिवर्सिटी प्राधिकारी के अनुशासनिक कार्रवाई के अधीन न हो
- आपराधिक रिकार्ड, मुकदमा, सजा या अनुशासनात्मक कार्रवाई वाला विद्यार्थी प्रत्याशी नहीं बन सकेगा। इसके लिए शपथ-पत्र भी देना होगा
- प्रत्याशी विकृत चित्त का नहीं होना चाहिए। इसके लिए किसी भी रजिस्टर्ड डॉक्टर का दिया हुआ चिकित्सा प्रमाण पत्र देना होगा