शिक्षक हितों की रक्षा के लिए गठित गोरखपुर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ का कार्यकाल पूरा हुए लंबा समय बीत चुका है। मगर विश्वविद्यालय की लचर प्रशासनिक कार्यप्रणाली के चलते अभी तक शिक्षक संघ का चुनाव नहीं कराया जा सका है। इसको लेकर शिक्षकों में रोष है।
शिक्षक संघ का कार्यकाल एक वर्ष का होता है, जो प्रत्येक वर्ष जुलाई माह में पूरा होता है। वर्तमान शिक्षक संघ का कार्यकाल भी जुलाई 2016 में पूरा हो चुका है। नियमानुसार कार्यकाल खत्म होने से पहले शिक्षक संघ का चुनाव हो जाना चाहिए था। हालांकि गत वर्ष चुनाव सितंबर माह में हो गया था। फिर भी शिक्षकों के मुताबिक कार्यकाल जुलाई माह में ही पूरा मना जाएगा, क्योंकि छात्रसंघ की तरह शिक्षक संघ का कार्यकाल भी एक ही साल का होता है। अलबत्ता अब नवंबर माह बीतने वाला है और 10 दिन में छात्र संघ चुनाव कराने का दंभ भरने वाला विश्वविद्यालय प्रशासन अभी तक शिक्षक संघ के चुनाव के बारे में कोई रणनीति तक नहीं बना सका है। अध्यक्ष, महामंत्री, दो उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष, सह मंत्री के पद का चुनाव नहीं होने से शिक्षकों में रोष है।
- प्रशासनिक भवन के अफसर जानबूझकर शिक्षक संघ के चुनाव को टाल रहे हैं। इसकी वजह भी जगजाहिर है। अगर अफसर चाहें तो पांच दिन में शिक्षक संघ का चुनाव हो सकता है।
-प्रो. संजय वैजल, शिक्षक नेता
- राजनीति शास्त्र के प्रोफेसर एसपीएम त्रिपाठी को चुनाव अधिकारी नियुक्त कर दिया है। वे ही चुनाव कराएंगे।
- प्रो. अशोक कुमार, कुलपति
- चुनाव अधिकारी बनाया गया है, मुझे इसकी जानकारी नहीं है। आप वीसी से बात कर लीजिए।
-प्रो. एसपीएम तिवारी, राजनीति शास्त्र