लंबी कवायदों के बाद भी मतदाता सूची की खामियां दूर नहीं हो पा रही हैं। निर्वाचन आयोग की जांच में जिले की नौ विधानसभाओं में से गोरखपुर शहर और ग्र्रामीण विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में जनसंख्या की तुलना में मतदाताओं का प्रतिशत अधिक पाया गया है। शहर में यह आंकड़ा 71 फीसदी का है तो ग्रामीण विधानसभा में भी करीब 70 फीसदी।
शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मतदाता पुनरीक्षण अभियान की समीक्षा के दौरान प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) टी. वेंकटेश ने निर्देश दिए कि इन दोनों विधानसभाओं की मतदाता सूची का गहनता से परीक्षण किया जाए। बीएलओ इसकी जांच करें कि कौन से लोग दोनों विधानसभा क्षेत्र के साथ ही किसी और विधानसभा क्षेत्र के भी वोटर हैं। ऐसे वोटरों के नाम एक विधानसभा क्षेत्र की लिस्ट से काटे जाएं। इसी तरह जो मतदाता शहर छोड़ चुके हैं, उनके भी नाम सूची से हटाएं। बता दें कि जिले में कई ऐसे लोग हैं जिनके गांव के साथ ही शहर में भी मकान हैं। इनमें से ज्यादातर लोगों के नाम दोनों जगहों की मतदाता सूची में है।
सीईओ ने पुरुष और महिला वोटरों के प्रतिशत पर भी गौर करने का निर्देश दिया। कहा कि कई विधानसभा क्षेत्रों में आयोग के मानक के मुताबिक पुरुषों की संख्या में महिला वोटरों की संख्या काफी कम है। इसी तरह उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी को सभी बूथों का निरीक्षण कर संपर्क मार्ग, रैंप, चहारदीवारी, शौचालय, पीने का पानी आदि की व्यवस्था दुरुस्त कराने को कहा। बता दें कि 15 सितंबर से करीब डेढ़ महीने के लिए मतदाता पुनरीक्षण अभियान की शुरूआत की जा रही है। इस दौरान छूटे हुए लोगों को मतदाता बनाने के साथ ही सूची की खामियों को भी दुरुस्त किया जाएगा। पूरे अभियान में हर रविवार को सभी बूथों पर बीएलओ मौजूद रहकर वोटर बनाने का काम करेंगे।
बैठक के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी के अलावा, एडीएम डॉ. चंद्रभूषण, सभी एसडीएम और डीपीआरओ आरके भारती मौजूद रहे।