चौतरफा बाढ़ से घिरे गोरखपुर में नदियों का उफान बुधवार को और कम हो गया, फिर भी बाढ़ का खतरा बरकरार है। नौसड़ बंधे से रिसाव के कारण ही बुधवार देररात सड़क धंस गई। इससे अफरा-तफरी मच गई। बंधे के आसपास रहने वाले भागने लगे। इसकी सूचना पाकर प्रशासनिक अफसर मौके पर पहुंचे और रिसाव कम करने की कोशिश की। सड़क धंसने की वजह से नौसड़ से कालेसर रोड को पूरी तरह से बंद कर दिया है। अब छोटे, बड़े वाहनों को डायवर्ट करके बाघागाड़ा की तरफ से भेजा जा रहा है। इससे गोरखपुर से सीधे लखनऊ जाने का संपर्क मार्ग एक बार फिर कट गया। इससे पहले सड़क की एक लेन से वाहन निकाले जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शी शमशाद ने बताया कि सड़क दलदल जैसी हो गई है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुमान के मुताबिक राप्ती, रोहिन, गोर्रा, आमी, घाघरा और कुआनो नदी का जलस्तर कम हुआ है। इसके बावजूद बंधों के टूटने का सिलसिला जारी है। बुधवार को तड़के कैंपियरगंज तहसील क्षेत्र का खड़खड़िया रिंग बांध टूट गया। इससे खड़खड़िया गुड़ियान, कुटी टोला विश्रामपुर, अमहवा, गोबरहिया और कोहार टोला में बाढ़ आ गई। हजारों लोग बेघर हो गए और सबको सुरक्षित स्थान पर जाना पड़ा। वहीं, एनडीआरएफ, सेना और पीएसी के जवान राहत-बचाव के काम में लगे हैं, फिर भी बाढ़ पीड़ितों की समस्याएं कम नहीं हो रही हैं। सबसे खराब हालात चौरीचौरा क्षेत्र के हैं। बरहीपाथ बंधे से 25-30 किलोमीटर दूर गांवों में राशन, पानी नहीं पहुंच पा रहा है। तमाम लोग भूख, प्यास से बेहाल हैं। इसी का नतीजा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चौरीचौरा क्षेत्र के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा करने का फैसला किया। मुख्यमंत्री गुरुवार को गोरखपुर आएंगे। चौरीचौरा क्षेत्र में ही राहत, बचाव के काम की समीक्षा करेंगे। राहत सामग्री भी बांटेंगे।
सोमवार को शाम छह बजे तक जलस्तर
राप्ती नदी (जलस्तर मीटर में)
जलस्तर 76.900
खतरे का निशान 74.980
रोहिन
जलस्तर 83.000
खतरे का निशान 82.880
अब 28 अगस्त को खुलेंगे स्कूल
बाढ़ के मद्देनजर जिले के कक्षा एक से 12वीं तक के सभी सरकारी, गैर सरकारी स्कूल 26 अगस्त तक बंद कर दिए हैं। 27 अगस्त को रविवार है। सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो स्कूल 28 अगस्त तक खुलेंगे। डीएम राजीव रौतेला ने बताया कि सतर्कता के लिहाज से स्कूल बंद किए गए हैं। यह तीसरा मौका है, जब इंटरमीडिएट तक के स्कूल बंद कर दिए हैं। इससे पहले स्कूल 23 अगस्त तक बंद किए गए थे।