जल्द ही गोरखपुर में भी भूकंप की तीव्रता मापी जा सकेगी। भूकंप का केंद्र बिंदु कहां है, इसका सटीक पता लगेगा। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) में नए साल में भूकंप मापक केंद्र खुलेगा। भारतीय भूकंप विज्ञान संस्थान, गांधीनगर (अहमदाबाद) यहां भूकंप मापी संयंत्र लगाएगा और एमएएमएमयूटी से मिलकर काम करेगा।
पहले चरण की वार्ता हो चुकी है, अब दोनों संस्थानों में जल्द ही अनुबंध होगा।
हिमालय से सटे होने के कारण गोरखपुर और आसपास के इलाके में भूकंप की आशंका बनी रहती है। इसे देखते हुए भारतीय भूकंप विज्ञान संस्थान ने पूरे देश में मेजरमेंट का नेटवर्क डेवलेप करने की योजना बनाई है। इसी क्रम में संस्थान ने गोरखपुर में अपना एक केंद्र खोलने का निर्णय लिया है।
एमएमएमयूटी में भूकंप मापक केंद्र स्थापित होने से भूकंप का केंद्र पता लगाने में मौसम वैज्ञानिकों को सहायता मिलेगी। संयंत्रों से तरंगों के कंपन को रिकार्ड किया जाएगा। इससे शोधार्थियों को शोध करने में मदद मिलेगी। साथ ही विशेषज्ञों की मदद से शिक्षक और छात्र भूकंप की आशंका पर हमेशा नजर बनाए रखेंगे। इससे आपदा प्रबंधन में मदद भी मिलेगी। भारतीय भूकंप विज्ञान संस्थान गांधीनगर से आई एक टीम ने पिछले दिनों एमएमएमयूटी आकर वार्ता भी की है।
एमएमएमयूटी के शिक्षक एवं पर्यावरणविद डॉ गोविंद पांडेय ने बताया कि जनवरी में टीम फिर आएगी। तब अधिकृत रूप से सहमति बनेगी। भूकंप मापक केंद्र खुलने से नेपाल सीमा पर भी लगातार मानीटरिंग हो सकेगी। सटीक जानकारी मिलने से हम होने वाले जानमाल के नुकसान से बच सकेंगे।