गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर मंगाया गया ई-रिक्शा।
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विश्व के सबसे लंबे प्लेटफॉर्म पर अब दो और ई-रिक्शा चलाने की तैयारी है। रेल प्रशासन ने दो साल का करार प्राइवेट एजेंसी से की है। प्लेटफॉर्म दो से एक तक की लंबी दूरी तय करने के बदले यात्रियों को 20 रुपये देने होंगे।
प्लेटफॉर्म एक और दो से ज्यादातर महत्वपूर्ण ट्रेनें चलती हैं। दोनों प्लेटफॉर्म के बीच की दूरी एक किलोमीटर से ज्यादा है। बुजुर्ग और दिव्यांगों के लिए रेलवे ने पहले से ही निशुल्क गोल्फ कॉर्ट चला रखा है। महिलाओं और सामान के साथ पहुंचे यात्रियों को खासा दिक्कत होती है। इसे देखते हुए रेलवे ने नए साल से ई-रिक्शा की शुरूआत की है। सुविधा को सुगम बनाने के लिए दो और ई-रिक्शा चलाने की योजना बनी है। सप्ताह भर में दोनों ई-रिक्शा चलने लगेंगे।
रिटायरिंग रूम बुकिंग काउंटर से संचालित होंगी
रेलवे स्टेशन के रिटायरिंग रूम बुकिंग काउंटर से संचालित होंगी। प्लेटफॉर्म पर यात्रियों को परेशानी न हो, इसके मद्देनजर स्थान चिह्नित कर लिया गया है। ई-रिक्शा का इस्तेमाल करने पर प्रत्येक यात्री को रसीद भी देनी होगी। अभी रसीद नहीं दी जा रही है, लेकिन सहायक वाणिज्य प्रबंधक एमपी सिंह ने संचालक को रसीद देेने के निर्देश दिए हैं।