आंधी और पानी से शहर की व्यवस्था ध्वस्त हो गई। अलग-अलग जगहों पर पेड़ और बिजली गिरने से दो लोगों की जान चली गई। सड़कों पर पेड़ के गिरने से जहां यातायात बाधित हो गई वहीं बिजली पोल व तार के टूटने से आधे शहर की बिजली सप्लाई ठप हो गई। मंगलवार को पूरे दिन पेड़ हटाने और बिजली सप्लाई बहाल करने में कर्मचारी जूझते रहे। शहर के कई इलाकों में दोपहर तक सड़कों पर जलभराव से लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ी। मेडिकल कॉलेज की सप्लाई बाधित होने से मरीज और तीमारदारों को खासा दिक्कतों को सामना करना पड़ा।
बारिश में सफाई व्यवस्था की सामने आई हकीकत
सोमवार की देर रात झमाझम बारिश ने नगर निगम की सफाई व्यवस्था की पोल खोल दी। बारिश से शहर के कई मोहल्लों में सड़कों पर पानी लग गया। वहीं भालोटिया मार्केट में सड़क पर पानी लगने से व्यापारियों को सांसत झेलनी पड़ी। शहर के सभी नाला और नालियों के सफाई के दावों की हकीकत मंगलवार को सामने आ गई। महज 6.2 मिलीमीटर बारिश हुई और अधिकांश नालियां बजबजा गईं। सड़कों पर घंटों बारिश का पानी लगा रहा। चक्सा हुसैन, इलाहीबाग, बिछिया हनुमान मंदिर, टाउनहाल, रुस्तमपुर, गोपलापुर, इंदिरानगर, एमपी इंटर कॉलेज के सामने सहित कई मोहल्लों में सड़कों पर दोपहर तक जलभराव रहा। लोगों को सुबह गंदे पानी में ही चलकर जाना पड़ा। कई मोहल्लों में दोपहर बाद भी जलभराव कम नहीं हुआ। इन मोहल्लों के लोगों ने नगर निगम के अधिकारियों पर नाराजगी भी जताई। उनका कहना था कि नालियों की सफाई कराई ही नहीं गई। अभी तो हल्की बारिश में यह हाल है जब मूसलाधार बारिश होगी तो सड़कों पर चलना मुश्किल हो जाएगा।
पुलिस लाइंस, महिला थाना के सामने भी पेड़ गिरने से जाम
आंधी और बारिश से शहर के कई सड़कों पर पेड़ टूटकर गिर गए और कुछ जगहों पर टहनियां गिरने से सड़क जाम हो गया। एक लेन के बंद होने से गाड़ियां काफी देर तक फंस गई। लोग काफी मुश्किलों से इन रास्तों से गुजर सके। जिला अस्पताल के मोर्चरी के सामने दीवार और पेड़ गिरने से सड़क जाम हो गया। इससे पुलिस ने काफी देर तक रास्ता रोक दिया। अस्पताल में आने वाली मरीजों की भी सांसत हुई। उन्हें घोष कंपनी के रास्ते घूमकर आना पड़ा। वहीं सुबह बच्चों को स्कूल छोड़ने जाने वाले अभिभावकों को भी घूमकर दूसरे रास्ते जाना पड़ा। सड़कों पर बिजली के तार फैले होने से शाम तक रास्ते पर यातायात बाधित रहा। ट्रैफिक डायवर्ट होने बैंक रोड़ और टाउनहाल पर जाम लग गया। पुलिस लाइंस और महिला थाने के सामने भी पेड़ गिरने से लोगों को आने जाने में काफी दिक्कतें हुई।
13 तक बारिश के आसार
मौसम में बदलाव का असर अभी 12 मई तक बना रहेगा। मौसम वैज्ञानिक कैलाश पांडेय के मुताबिक 10, 11 व 13 मई को हल्की बारिश और 12 मई को बूंदाबांदी की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक मंगलवार को अधिकतम तापमान 33.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। सोमवार को बारिश के बाद न्यूनतम तापमान में करीब 6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि अधिकतम तापमान करीब एक डिग्री सेल्सियस ही नीचे आया।
आंधी में बिजली उड़ी
आंधी के चलते सोमवार की रात करीब पौने एक बजे पूरे शहर में ब्लैकआउट हो गया। डेढ़ बजे तक पूरा शहर अंधेरे में डूबा रहा। इसके बाद बिजली चालू हुई, मगर शहर के ज्यादातर इलाके फॉल्ट के चलते अंधेरे में डूबे रहे। कहीं पोल टूटकर गिर गए थे तो कहीं पेड़ गिरने से तार टूट गए। इसके चलते मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल समेत करीब आधे शहर में पूरी रात अंधेरा छाया रहा। कई इलाकों की बिजली मंगलवार शाम तक चालू हो सकी।
पौने एक बजे आंधी शुरू हुई तो एहतियातन पूरे शहर की बिजली काट दी गई। करीब डेढ़ बजे आंधी-बारिश थमने पर बिजली सप्लाई चालू हुई तो अधिकांश इलाके ब्रेकडाउन में चले गए। कई जगहों पर फाल्ट से लोगों को पूरी रात अंधेरे में गुजारनी पड़ी। सुबह हुई तो इन इलाकों में पानी का संकट खड़ा हो गया। इसके चलते लोगों की दिनचर्या बिगड़ गए। लोग दैनिक कार्य निपटाने की खातिर भी परेशान हुए। सबसे ज्यादा दिक्कत बच्चों को स्कूल के लिए तैयार करने में हुई। कई लोग बिना नहाए दफ्तर के लिए निकले।
मच्छरों के चलते बर्बाद हुई नींद
आधी रात को उड़ी बिजली ने लोगों की नींद भी उड़ा दी। बारिश के चलते मौसम थोड़ा ठंडा तो हुआ लेकिन बिजली गुल होने से मच्छरों ने खूब परेशान किया। आलम यह रहा कि मच्छरों के चलते कई लोगों ने पूरी रात जागकर काटी। नींद पूरी न होने से बच्चे सुबह स्कूल जाने में आनाकानी करते रहे।
खूब घनघनाए उपकेंद्र के फोन
आंधी से पहले ही रुस्तमपुर उपकेंद्र की सप्लाई ब्रेकडाउन में थी। तभी से यहां उपभोक्ताओं के फोन उपकेंद्र पर घनघनाने लगे थे। आलम यह हुआ कि कई उपभोक्ताओं के फोन वेटिंग में जाते रहे और बात नहीं हो पाई। आंधी खत्म होने के बाद सभी उपकेंद्रों का यही हाल हो गया।
मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में बुरा हाल
मेडिकल कॉलेज उपकेंद्र को आने वाली 33 केवी लाइन पर पेड़ गिरने के चलते बत्ती गुल हो गई। इससे मरीज और तीमारदारों की मुश्किलें बढ़ गईं। जिला अस्पताल के पास भी पेड़ गिरने से खंभा टूट गया और तार गिर गए। यहां मंगलवार शाम तक लाइन ठीक करने का काम चलता रहा।
इन इलाकों में रहा पूरी रात ब्लैकआउट
- खोराबार उपकेंद्र में फॉल्ट से आवास विकास कॉलोनी, दिव्यनगर मंगलवार सुबह 7.30 बजे तक बिजली गुल रही
- मोहद्दीपुर उपकेंद्र के नार्थ फीडर में फॉल्ट से नंदा नगर, सैनिक विहार कालोनी में सुबह 6 बजे तक बिजली नहीं आई
- मोहद्दीपुर से बक्शीपुर सब स्टेशन आने वाली 33 केवी लाइन पर पेड़ की डाल गिरने से बक्शीपुर उपकेंद्र सुबह नौ बजे तक बंद रहा
- टाउनहाल से निकलने वाला सांई फीडर पोल टूटने के चलते दोपहर 12 बजे तक बंद रहा। इससे छोटेकाजीपुर, मेवातीपुर, नगर निगम कार्यालय, आकाशवाड़ी एरिया की बिजली गुल रही
- नार्मल सब स्टेशन पर भी दो फीडर पर छह घंटे तक बिजली नहीं रही
- इंडस्ट्रियल इस्टेट सब स्टेशन के रामनगर फीडर का तार टूटने के कारण लच्छीपुर और रामनगर एरिया में सुबह 11 बजे तक बिजली नहीं रही
- सूरजकुंड सब स्टेशन के नेताजी सुभाषचंद बोस नगर कालोनी में 11 हजार की लाइन का जंफ र उड़ने से सुबह 10 बजे तक बिजली गुल रही
- मेडिकल कॉलेज की 33 केवी लाइन पर पेड़ गिरने से सुबह 10.40 तक मेडिकल कॉलेज, पादरीबाजार, सेमरा, चरगांवा, रेल विहार, पथरा, पिपराइच आदि इलाकों में बिजली कटी रही
- जिला अस्पताल के पास पेड़ गिरने से शाम पांच बजे तक मरम्मत का काम चलता रहा