सेंट जोसेफ स्कूल खोराबार में एसोसिएशन ऑफ कैथोलिक एजूकेशन इंस्टीट्यूटशंस उप्र उत्तराखंड की 31वीं जनरल बॉडी मीटिंग के उद्घाटन अवसर पर मंचासीन विशप थामस तिरुटीमट्टम, विशप खलिस, जेराल्ड मथियास, फादर सन्नी व अन्य।
- फोटो : shivharsh
उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड एसोसिएशन ऑफ कैथोलिक एजुकेशन इंस्टीट्यूट की जनरल बॉडी की मंगलवार को सेंट जोसेफ स्कूल, खोराबार में मीटिंग हुई। इसमें भारत में उत्कृष्ट शिक्षा में सामाजिक, राजनैतिक चुनौतियां एवं क्रिश्चियन दृष्टिकोण से सक्रिय प्रतिक्रिया विषय पर यूपी और उत्तराखंड के मिशनरी स्कूलोें से आए प्रिंसिपल व प्रबंधकों ने चर्चा की।
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एसोसिएशन के मुख्य अध्यक्ष लखनऊ के बिशप जेराल्ड मथियास ने कहा कि सरकार नई शिक्षा प्रणाली लागू करने जा रही है। अगर यह दलित या ईसाई विरोधी हुई तो इसका विरोध किया जाएगा। इस देश में सभी धर्मों का ख्याल रखते हुए धर्मनिरपेक्ष शिक्षाप्रणाली बननी चाहिए। उन्होंने कहा कि मिशनरी स्कूल हमेशा से कुछ संगठनों के निशाने पर रहे हैं। हमें बहुत ही सावधानी से काम करने की जरूरत है। विशप ने कहा कि कुछ स्कूल प्रबंधन अभिभावकों की शिकायतों पर ध्यान नहीं देेते। हमें अपने आचरण, कार्य-व्यवहार में बदलाव लाना होगा। शिकायतों पर तत्काल अमल करें और जिस पर आरोप है, उसे तत्काल सस्पेंड करें और फिर कमेटी बनाकर मामले की जांच कराएं। उन्होंने पुलिस, प्रशासन और मीडिया से बेहतर समन्वय बनाकर काम करने की सलाह दी।
गोरखपुर धर्मप्रांत के बिशप थूरूतिमट्टम ने स्कूलों की कार्यप्रणाली, व्यवस्था और आचरण पर प्रकाश डाला। फादर सनी जैकब, फादर बेनी, फादर जान कुदली, फादर सनी जोसेफ ने भी शिक्षा के सामने सामाजिक व राजनैतिक चुनौतियों पर चर्चा की। फादर सीबी जोसेफ ने अतिथियों का स्वागत किया।