गोरखपुर यूनिवर्सिटी के रिकॉर्ड रूम से इस्लामिया कॉलेज ऑफ कॉमर्स के 14 छात्रों का दस्तावेज टेबुलेशन शीट (सारणीयन पंजिका) से गायब हो गया है। इससे छात्रों की डिग्री अटक गई है। इसका पता तब चला जब इनमें से एक छात्र ने डिग्री के लिए यूनिवर्सिटी में आवेदन किया। दस्तावेज गायब होने के चलते वहां तैनात बाबुओं ने डिग्री जारी करने से इंकार कर दिया।
पीड़ित छात्र रामकुमार गुप्ता 16 सितंबर से डिग्री के लिए यूनिवर्सिटी का चक्कर लगा रहे थे। 20 अक्टूबर को उन्हें पता चला कि रिकॉर्ड रूम से उनके समेत 14 छात्रों के दस्तावेज गुम हैं। रामकुमार ने बताया कि 24 अक्टूबर को शिक्षा विभाग में निकली अनुदेशक की भर्ती में डिग्री दिखाना जरूरी है। पर अब ऐसा नहीं होता दिख रहा है। यूनिवर्सिटी की गलती से छात्रों का कॅरिअर दांव पर लग गया है।
रामकुमार ने बताया कि 2009 में इस्लामिया कॉलेज ऑफ कॉमर्स से बीकॉम किया था। 16 सितंबर को डिग्री के लिए डीडीयू में आवेदन किया। डिग्री न मिलने पर वे जानकारी लेने विवि पहुंचे। जहां विभाग ने उनकी डिग्री को फर्जी बताते हुए कोर्स पर सवाल खड़े कर दिए। जब रिकॉर्ड रूम पहुंचा तो वहां टेबुलेशन शीट का पन्ना फटा मिला। इसके बाद रामकुमार ने इस्लामिया कॉलेज से टेबुलेशन सीट निकलवाई, माइग्रेशन दिखाया। इसके बाद यूनिवर्सिटी के बाबुओं को उनकी बात पर भरोसा हुआ।
रामकुमार ने बताया कि विवि प्रशासन का कहना है कि इस्लामिया कॉलेज को आवेदन किया जाएगा। इसके बाद वहां से शीट भेजी जाएगी। इसके आधार पर उनकी डिग्री बन पाएगी। रामकुमार का कहना है कि इस प्रक्रिया में 15 दिन लग जाएंगे।
इनके गायब हैं रिकॉर्ड
रवि प्रकाश मिश्रा, राघवेंद्र शुक्ला, रजनीश पांडेय, राहुल कुमार दुबे, रौनक शिकोह रिजवी, रिजवान अंसारी, रजनीश कुमार दुबे, राकेश कुमार, राहुल सिंघल, राम भरत चौरसिया, रमीज वारिस खान, रंजन कुमार गुप्ता, राहुल कुमार गुप्ता और राम कुमार गुप्ता