जिला अस्पताल में डॉक्टर और कर्मचारी को अब समय का पालन करना ही होगा। उपस्थिति को लेकर लगातार आ रही शिकायतों को देखते हुए अस्पताल में अब बायोमेट्रिक मशीन लगाए जाएंगे। इसकी निगरानी के लिए कैमरे भी लगेंगे। मशीन को एसआईसी ने खुद अपने कमरे में लगाने का निर्णय लिया है। इसकी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। पहले चरण में सिर्फ डॉक्टर और लैब टेक्नीशियन को इस दायरे में लाया गया है। इसके बाद अन्य कर्मचारियों के लिए भी यही व्यवस्था होगी।
जिला अस्पताल में ओपीडी और लैब शुरू होने का समय आठ बजे निर्धारित है। मगर आए दिन ओपीडी में डॉक्टरों के आने और लैब खुलने के समय में देरी की शिकायतें मिलती रही हैं। इससे मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ती है। एसआईसी की जांच में भी कई बार इसकी तस्दीक हो चुकी है। सवाल-जवाब होने पर डॉक्टर द्वारा भर्ती मरीजों को देखने जाने की बात बताई जाती है। इसे देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने डॉक्टरों और लैब टेकभनीशियनों की उपस्थिति बायोमेट्रिक मशीन से दर्ज कराने का निर्णय लिया है। इसके लगने पर डॉक्टर और कर्मचारी को पहले अपनी हाजिरी लगानी होगी और उसके बाद ही वह भर्ती मरीजों को देखने या ओपीडी में जा सकेंगे। इसके अलावा एसआईसी कक्ष के पास और ओपीडी में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे।
डॉक्टर और कर्मचारियों की हाजिरी के लिए बायोमेट्रिक मशीन लगाने का निर्णय लिया गया है। जल्द ही मशीन लग जाएगी। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे।
- डॉ. एचआर यादव, एसआईसीे