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वीआईपी ड्यूटी छोड़कर प्राइवेट प्रैक्टिस पर चले गए डॉक्टर

Mon, 23 Nov 2015 02:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो।
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गोरखपुर। राज्य स्वास्थ्य मंत्री की सेहत निगरानी में लगी ड्यूटी छोड़कर प्राइवेट प्रैक्टिस करने चले गए डॉक्टर के जवाब ने अस्पताल प्रशासन को आश्चर्य में डाल दिया है। वीआईपी ड्यूटी के लिए रवाना होने वाली एंबुलेंस में जब डॉक्टर नहीं दिखे तो आनन-फानन उन्हें फोन किया गया पर डॉक्टर ने चिकित्सा अधीक्षक को सीधे तौर पर बोल दिया कि वह खलीलाबाद में हैं और ड्यूटी पर नहीं आ पाएंगे।
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इसके बाद तत्काल दूसरे डॉक्टर को बुलाकर रवाना किया गया। एसआईसी ने चिकित्सक से वो जवाब लिखित तौर पर मांगा है जो उन्होंने चिकित्सा अधीक्षक को फोन पर दिया था।
राज्य स्वास्थ्य मंत्री शंखलाल मांझी रविवार को शहर में थे। उनकी वीआईपी ड्यूटी में डॉ. वीके चौधरी को जाना था। सुबह एंबुलेंस जाते समय पता चला कि डॉ. चौधरी नहीं आए हैं।
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पहले यह माना गया कि वह कहीं फंस गए होंगे पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एके श्रीवास्तव ने फोन कर जब उन्हें ड्यूटी के बारे में बताया तो उनका जवाब सुन वह खुद भौचक रह गए। डॉक्टर ने सीधे तौर पर कह दिया कि वह खलीलाबाद आए हैं और किसी भी सूरत में अवकाश के दिन ड्यूटी नहीं करेंगे।
इसके बाद चिकित्सा अधीक्षक ने इस बात की जानकारी एसआईसी को दी। एसआईसी ने पहले तो तत्काल डॉ. शहनवाज को बुलाकर वीआईपी ड्यूटी पर भेजा फिर चिकित्सा अधीक्षक से पूरी बात लिखित तौर पर मांगी। बताया जाता है कि डा. चौधरी खलीलाबाद में ही प्राइवेट प्रैक्टिस करते है
 एसआईसी डॉ. एचआर यादव ने बताया कि यह गंभीर मामला है। चिकित्सा अधीक्षक से लिखित तौर पर फोन पर हुई वार्ता का ब्योरा मांगा गया है। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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