डॉक्टरों के कार्य बहिष्कार से जिला अस्पताल में अचानक भीड़ बढ़ गई।
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इलाहाबाद में जीवन ज्योति अस्पताल के निदेशक डॉ. अश्विनी कुमार बंसल की हत्या करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर डाक्टरों ने अपनी सेवाओं का बहिष्कार शुरू दिया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सोमवार को सीतापुर नेत्र चिकित्सालय में बैठक की और 11 से 1 बजे तक सेवाओं का बहिष्कार किया। इसके चलते मरीजों को दो घंटे तक खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं कार्य बहिष्कार से जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी थी।
प्रो. डॉ. वाईडी सिंह ने कहा कि डॉक्टरों को मजबूत और एकजुट होने की जरूरत है। दिन प्रतिदिन कानून व्यवस्था खराब होने के कारण डॉक्टरों के साथ आपराधिक घटनाएं हो रही हैं। आईएमए नेशनल बॉडी (दिल्ली) के आह्वान पर 17 जनवरी को सुबह 10 से 12 बजे तक हड़ताल रहेगी। इसके बाद काली पट्टी बांधकर कार्य किया जाएगा। यह दिन नेशनल प्रोटेस्ट डे के रूप में मनाया जाएगा। हड़ताल के कारण ओपीडी और इमरजेंसी सेवा भी उक्त समय तक बंद रहेगी। आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. केके अग्रवाल, सचिव डॉ. आरएन टंडन और प्रधान रवि वानखेडकर तथा एक्शन कमेटी के अध्यक्ष आरवी अशोकन ने सरकार के सामने मांगें रखी हैं, जिनमें क्लीनिक, नर्सिंग होम्स की सुरक्षा सुनिश्चित करना, चिकित्सा व्यवसाय को आपराधिक कानून से मुक्त करना और जो हिंसा कर रहे है उन्हें दंडित करना शामिल है।
हत्या की कड़ी आलोचना की
नेशनल इंटेग्रेटिड मेडिकल एसोसिएशन (नीमा) के प्रांतीय कोषाध्यक्ष एवं शाखा गोरखपुर के अध्यक्ष डॉ. जेपी नारायण ने डॉ. बंसल की हत्या की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सरकार और पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाया है। कहा, आरोपियों की अगर गिरफ्तारी नहीं हुई तो चिकित्सकों के रोष से होने वाले प्रतिफल की पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।