स्वास्थ्य महकमे की लचीलेपन से मरीजों की सांसत बढ़ रही है। खजनी स्वास्थ्य केंद्र पर न तो अल्ट्रासाउंड मशीन है और न ही एक्सरे जांच की सुविधा। इसके बावजूद इस केंद्र पर रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती है। वहीं जिला महिला अस्पताल उधारी के रेडियोलॉजिस्ट के भरोसे व्यवस्था चल रही है। जिला अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट महिला अस्पताल जाकर ड्यूटी करते हैं। एक दिन में 50 अल्ट्रासाउंड हो पाता है। ट्रेंड डॉक्टर न होने की वजह से 4 डी अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं चल पा रही है।
पूरे जिले में सिर्फ महिला अस्पताल में ही गर्भवती महिलाओं के लिए अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था है। रेडियोलॉजिस्ट की कमी होने की वजह से यहां पर आने वाली सभी महिलाओं का अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाता है। अल्ट्रासाउंड के लिए उन्हें फिर अगले दिन आना पड़ता है। दिसंबर 2015 में महिला अस्पताल में तैनात रेडियोलॉजिस्ट के रिटायर होने के बाद किसी तरह से यह व्यवस्था चलाई जा रही है।
वहीं खजनी स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात डॉ. महेश कुमार छह महीने की ट्रेनिंग लेकर लौटे हैं। स्वास्थ्य महकमा इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। यह हाल तब है जब महिला अस्पताल प्रशासन की ओर कई बार रेडियोलॉजिस्ट के लिए सीएमओ को पत्र लिखा जा चुका है। डॉ. महेश की तैनाती खजनी में क्यों है इस पर सीएमओ भी कुछ बोलने से बच रहे हैं।