सभी रजिस्ट्री दफ्तरों को कंप्यूटरीकृत करने के बाद अब शासन की मंशा पेपरलेस वर्किंग की सभ्यता स्थापित करने की है। इस दिशा में तेजी से प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। महकमे के अफसरों- कर्मचारियों की पूरी जानकारी ऑनलाइन करने की कवायद के बीच अब स्टांप की व्यवस्था खत्म करने और ऑनलाइन बैनामे की भी व्यवस्था शुरू करने की तैयारी है।
इस व्यवस्था के तहत कोई भी व्यक्ति घर बैठे ही या साइबर कैफे पर चंद रुपये खर्च कर संपत्ति का बैनामा कर सकेगा। यानि रजिस्ट्री दफ्तर के चक्कर लगाने से अब राहत मिल जाएगी। ऑनलाइन बैनामे को लेकर शासन में तैयारी तेज होने की एआईजी स्टांप रामशंकर सिंह ने भी पुष्टि की है।
शासन में निबंधन महकमे की तरफ से एक विशेष सॉफ्टवेयर तैयार कराया जा रहा है। इस सॉफ्टवेयर में बैनामे की डीड के प्रोफार्मे के अलावा 12 साल तक संबंधित जमीन को लेकर कोर्ट में चलने वाले विवाद की भी जानकारी दर्ज रहेगी। इसी तरह सॉफ्टवेयर में सर्किल रेट भी लोड किया जाएगा, जिसकी मदद से स्टांप ड्यूटी का आकलन किया जा सकेगा। इस आकलन के बाद बैनामा कराने वाले बैंक में स्टांप ड्यूटी की रकम जमा करेगा। वहां से एक कोड मिलेगा जिसका जिक्र डीड में करना होगा। इसी कोड की मदद से महकमे के अफसर भी यह जांच सकेंगे कि संबंधित बैनामे के लिए मानक के मुताबिक स्टांप ड्यूटी जमा की गई है या नहीं। बैनामा कराने वाले को सिर्फ अंगूठा और फोटो खिंचवाने के लिए ही रजिस्ट्री दफ्तर जाना होगा।
रजिस्ट्री महकमे से मिली जानकारी के मुताबिक इस व्यवस्था को लागू करने के पहले सभी खतौनी को खातेधारक के आधार से जोड़ा जाएगा। इसकी जिम्मेदारी राजस्व प्रशासन को दी जाएगी।