यूपी बोर्ड परीक्षा की तैयारी को लेकर सोमवार को हुई बैठक में कक्ष निरीक्षकों की कमी और सुरक्षा का मुद्दा छाया रहा। कुछ केंद्र व्यवस्थापकों ने फर्नीचर की कमी भी बताई। डीआईओएस एएन मौर्या ने कहा कि सभी लोग छात्र संख्या के आधार पर कक्ष निरीक्षक की संख्या बताएं, बीएसए से बात कर प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूल के शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाएगी।
एमपी इंटर कॉलेज में दिन भर चली बैठक में प्रधानाचार्य रामजन्म सिंह और छात्रपति शुक्ल ने कहा कि कई शिक्षक ड्यूटी करने को तैयार नहीं हैं, क्योंकि पिछले कई सालों की ड्यूटी का भुगतान उन्हें अभी तक नहीं हुआ है। इस पर डीएम ओएन सिंह ने डीआईओएस को बकाया भुगतान का प्रबंध करने का निर्देश दिया। कक्ष निरीक्षक कम हैं तो बीएसए से बात कर शिक्षकों को कक्ष निरीक्षक की भूमिका में लाएं। हनुमान प्रसाद पोद्दार इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य ने सुरक्षा का मामला उठाते हुए कहा कि हर साल परीक्षा शुरू होने के बाद पुलिस पहुंचती है। नकल रोकनी है तो पुलिस पहले पहुंचे। इस पर एसपी सिटी ने आश्वस्त किया कि पुलिस परीक्षा शुरू होने से पहले पहुंचेगी। डीएम ने कहा कि अगर नकल पकड़ी गई तो केंद्र व्यवस्थापकों पर मुकदमा होगा और जेल जाएंगे। इस दौरान एडीआईओएस ओमदत्त सिंह, जुबिली इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य जेएन सिंह आदि उपस्थित थे।
500 कक्ष निरीक्षकों की मांग
परीक्षा के लिए केंद्र व्यवस्थापकों ने अलग-अलग पत्र देकर कक्ष निरीक्षकों की मांग की। मांग के हिसाब से करीब 500 अतिरिक्त शिक्षकों की व्यवस्था करनी पड़ेगी।
बोर्ड परीक्षा पर एक नजर
विद्यार्थी : 1.61 लाख
परीक्षा केंद्र : 233
सचल दस्ता : 7
जोनल मजिस्ट्रेट : 11
सेक्टर मजिस्ट्रेट : 22