मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायॉलजी विभाग में शनिवार को एचवाईवी जांच की गुणवत्ता, प्रलेखन और जागरूकता को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया गया। एक दिवसीय कार्यशाला में गोरखपुर-बस्ती मंडल के सात जिलों समेत 10 जिलों के ब्लड बैंक, आईसीटीसी व पीपीटीसीटी के लैब टेक्निशियनों ने हिस्सा लिया और जांच की गुणवत्ता बढ़ाने के टिप्स लिए।
कार्यशाला का उद्घाटन कॉलेज प्राचार्य प्रो. आरके मिश्र ने किया। विभागाध्यक्ष डॉ. अमरेश कुमार सिंह ने जांच की बारीकियों और लापरवाही से गुणवत्ता पर पड़ने वाले प्रभाव से सभी को सचेत किया। डॉ. कुसुम जसूजा, डॉ. सुधीर गुप्ता, डॉ. रुचि मिश्रा, डॉ. जयेश पांडेय, डॉ. कविता और डॉ. कंचन ने भी इसे लेकर अपना पक्ष रखा। विभाग की ओर से बताया गया कि जागरूकता से एड्स रोगियों की तादाद का प्रतिशत कम हो रहा है।
इसमें एक रिपोर्ट का हवाला दिया गया जिसके अनुसार वर्ष 2014-15 में जहां 6386 मरीजों की जांच की गई, इसमें 444 पॉजिटिव पाए गए जबकि 2015-16 में 6593 लोगों की जांच हुई इनमें 399 लोगों में ही एचआईवी वायरस मिले। कार्यशाला में प्रदेश सरकार के एड्स कंट्रोल सोसायटी के सहायक निदेशक डॉ. माधव श्याम त्रिपाठी ने मार्गदर्शन और सुझाव दिया।