गीडा बोर्ड की बुधवार को हुई बैठक में उद्यमियों को बड़ी मिली। इसमें दिसंबर तक उद्योग लगाने वाले उद्यमियों को एक साल तक ब्याज पर छूट देने का निर्णय लिया गया है।
बुधवार को कमिश्नर सभागार में कमिश्नर अनिल कुमार की अध्यक्षता में गीडा प्राधिकारी बोर्ड की 48 वीं बैठक हुई। इस दौरान चैंबर आफ इंडस्ट्रीज ने उद्यमियों को ब्याज में छूट देने की मांग की। उसका तर्क था कि गीडा में उद्योग लगाने के लिए जून 2014 में करीब सौ उद्यमियों को भूखंड आवंटित किया गया था। इन्हें बिजली सप्लाई देने में 16 माह का वक्त लग गया जिसके कारण वे उद्योग स्थापित नहीं कर सके। ऐसे में उद्यमियों को छूट मिलनी चाहिए। इस पर बोर्ड ने दिसंबर तक उद्योग स्थापित करने पर आवंटन तिथि से 31 दिसंबर 2015 तक के ब्याज की छूट दे दी।
इसके अलावा टीपीनगर, आवासीय, संस्थागत और वाणिज्यिक अन्य ऐसे आवंटियों जिन्होंने दो साल बाद तक निर्माण नहीं शुरू किया है, उन्हें 31 मार्च 2017 तक मोहलत देने का निर्णय हुआ। इस दौरान भी यदि आवंटियों ने निर्माण नहीं कराया तो उनका आवंटन निरस्त कर दिया जाएगा। बैठक में ये भी निर्णय हुआ कि भूखंड की रजिस्ट्री के लिए 31 दिसंबर तक समय विस्तार का आवेदन करने वालों से निर्धारित मूल्य का आधा प्रतिशत शुल्क लिया जाएगा। पहली जनवरी 2017 या उसके बाद से ये शुल्क एक प्रतिशत ही देना होगा।
कमिश्नर ने गीडा के सीईओ को आईआईटी बीएचयू के निर्देशानुसार कमियों को दूर कर गीडा कार्यालय भवन का निर्माण शीघ्र कराने का निर्देश दिया। उन्होंने गीडा में ई-टेंडरिंग व्यवस्था शीघ्र लागू करने के भी निर्देश दिए। कमिश्नर ने भूखंडों का नक्शा पास कराने के लिए हर सेक्टर में कैंप लगाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने सेक्टर 22 में अवैध कब्जा हटाने को भी कहा।
बैठक में डीएम ओएन सिंह, मुख्य कार्यपालक अधिकारी गीडा डीके तिवारी, मुख्य अभियंता विद्युत डीके सिंह, नगर आयुक्त बीएन सिंह, जीडीए के प्रभारी सचिव एमके मिश्र, अपर निदेशक वित्त अतुल श्रीवास्तव, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता एके सिंह आदि उपस्थित थे।