डीआईजी स्टांप को हुआ डेंगू
गोरखपुर। जिले में डेंगू और वायरल बुखार का प्रकोप जारी है। वीआईपी बीमारी कहे जाने वाले डेंगू ने डीआईजी स्टांप रामानंद सिंह को भी शिकार बना लिया है। उनका इलाज लखनऊ के निजी अस्पताल में चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में अभी तक लक्षणों के आधार पर 189 लोगों की जांच कराई गई जिनमें 23 डेंगू पॉजिटिव पाए गए। यह आंकड़े स्वास्थ्य विभाग के हैं जबकि शहर के बड़े निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम में संदिग्ध डेंगू के मरीजों की बाढ़ सी आई हुई है।
वर्तमान समय में तेज बुखार, गले में दर्द, खराश, तेज सर्दी लगने, बुखार के कारण आंखों से पानी गिरने की शिकायत वाले मरीज जिला अस्पताल से लेकर नर्सिंग होम और क्लीनिक में बड़ी संख्या में आ रहे हैं। डीआईजी स्टांप रामानंद सिंह के अलावा मुफ्ती अजहर शम्सी को भी डेंगू हुआ, उनका इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है।
हालांकि स्वास्थ्य विभाग डेंगू के प्रकोप से इनकार कर रहा है। जिला मलेरिया उन्मूलन अधिकारी डॉ. अरविंद कुमार पांडेय ने बताया कि जिस प्रकार से डेेंगू का डर दिखाया जा रहा है बीमारी का उतना प्रकोप नहीं है। पूरे जिले में मात्र 23 मरीज ही अभी तक डेंगू पॉजिटिव पाए गए। तुर्कमानपुर में डेंगू का प्रकोप होने की शिकायत पर मोहल्ले का दौरा किया गया। वहां बुखार से पीड़ित अधिकतर मरीजों की डेंगू जांच निगेटिव पाई गई। उन्होंने माना कि तुर्कमानपुर में टायफाइड और वायरल बुखार फैला हुआ है। इसके लिए इलाके में सफाई अभियान चलाया जा रहा है।
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अखिलेश सिंह ने बताया कि अमूमन डेंगू का प्रकोप सितंबर माह तक ही रहता है, इस बार अक्तूबर माह में यह तेजी से फैला है। डीएमओ डॉ. अरविंद कुमार पांडेय के अनुसार इस बार डेंगू का वायरस कमजोर है इस कारण मरीजों में गंभीर समस्या नहीं आ रही है यहां तक कि प्लेटलेट्स ट्रांसफ्यूजन करने की भी जरूरत अधिकतर मरीजोें को नहीं पड़ रही है।
डेंगू-मलेरिया से करें बचाव
डीएमओ डॉ. अरविंद कुमार पांडेय ने बताया कि डेंगू का मच्छर दिन में काटता है इसलिए पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें। मच्छर का लार्वा साफ पानी में पैदा होता है इसलिए कहीं भी पानी का ठहराव नहीं होने दें। घड़े में पीने का पानी भी रोजाना नया ही भरें, यानी पानी को टॉपअप नहीं करें। सोते समय मच्छरदानी या क्वायल, क्रीम आदि का इस्तेमाल करें।