आधुनिक परिवेश में जहां मानसिक तनाव, खानपान में लापरवाही और भागदौड़ भरी जिंदगी में हृदय रोगी तेजी से बढ़े हैं। पूरे भारत में करीब चार करोड़ मधुमेह पीड़ित हैं। जो थोड़ी सी लापरवाही में हृदय के मरीज हो जाते हैं। बड़ी बात यह कि इन मरीजों में हार्ट अटैक आने पर दर्द ज्यादा नहीं होता है। मधुमेह होने पर हार्ट की जांच जरूर करानी चाहिए।
पत्रकारों से बातचीत में पीजीआई के हृदय शल्य चिकित्सा विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. एके श्रीवास्तव ने कहा कि मधुमेह वसा के कण की प्रगति को बढ़ा देता है। खून के धक्के बनने के जटिलता से आवृति बढ़ जाती है। जिसे कोरोनरी धमनी की बीमारी प्रारंभिक विकास के लिए रास्ता खुल जाता है। मधुमेह रोगियों में हृदय रोग जल्द हो जाता है। लगभग सभी मधुमेह रोगियों में एक तिहाई कोरोनरी धमकनी हृदय रोग विकसित कर लेते हैं जो मधुमेह रोगियों में मौत का एक प्रमुख कारण हैं।
गैर मधुमेह रोगियों की तुलना में मधुमेह रोगियों के लिए दिल का दौरा घातक होता है क्योंकि यह अचानक होता है। मधुमेह रोगियों में दिल का दौरान पड़ने के बाद मौत का खतरा गैर मधुमेह रोगियों से दुगना होता है। मधुमेह रोगी आमतौर पर सीने में भारीपन, सांस फूलना, पसीने की तकलीफ का सामना करते हैं। सीने में दर्द आमतौर पर हल्का होता है जिसमें मधुमेह रोगियों में दिल का दौड़ा पड़ने से किसी का ध्यान नहीं जाता है। उन्होंने बताया कि ईसीजी, इकोकार्डियोग्राम, टीएमटी, न्यूक्लियर स्कैनिंग और कोरोनरी एंजियोग्राफी कुछ प्रमुख परीक्षण है जो दिल पर मधुमेह की पहचान करने के लिए किए जाते हैं।
आज आयोजित होगी जांच शिविर
डॉ. एके श्रीवास्तव छात्रसंघ चौराहा स्थित पैनिशिया हॉस्पिटल में रविवार को आयोजित नि:शुल्क शिविर में मरीजों की जांच करेंगे। विवेकानंद समना फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित होने वाले शिविर में सुबह आठ बजे से रजिस्ट्रेशन होगा। नौ बजे से मरीजों का चेकअप होगा।