कुसुम्ही जंगल में हो रही पेड़ों की कटान पर वन विभाग संजीदा हो गया है। ‘अमर उजाला’ में लगातार दो दिन खबर प्रकाशित होने के बाद गुरुवार को डीएफओ ने मातहतों के साथ न सिर्फ जंगल जाकर मौका मुआयना किया बल्कि जिम्मेदारों से पूछताछ कर उन्हें नोटिस भी जारी किया। उन्होंने स्वीकार किया कि विभागीय लोगों की मिलीभगत के बिना पेड़ों की कटान हो ही नहीं सकती।
एक तरफ प्रदेश सरकार करोड़ों पौधे लगवाकर गिनीज बुक में नाम दर्ज करा रही है वहीं दूसरी तरफ सैकड़ों साल पहले लगाए गए वनों को माफिया वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से उजाड़ रहे हैं। कुसुम्ही जंगल का रजही बीट उसका उदाहरण है। वन विभाग की चौकी के करीब आए दिन पेड़ाें की कटान हो रही है, लेकिन डीएफओ ने जब इस बाबत मातहतों से पूछताछ की तो सभी ने अनभिज्ञता जता दी।
गुरुवार को डीएफओ अरुन कुमार सुबह ही रजही बीट पहुंच गए। उन्होंने चौकी पर तैनात वन दरोगा, अधिकारियों व कर्मचारियों से जब कटान के संबंध में पूछा तो सबने अनभिज्ञता जता दी। इसके बाद वे स्थानीय लोगों के साथ उस स्थान पर पहुंचे जहां पेड़ों को काटा गया है। बुढ़िया माई मंदिर के समीप इस जगह को देख वह स्वयं भी सकते में आ गए, जहां सुबह से शाम तक लोगों का आना-जाना लगा रहता है।
मैंने उन स्थानों को देखा जहां पर पेड़ काटे गए हैं। उन पेड़ों को भी देखा, जिन्हें दिन में काटा जा रहा था। इसके लिए जिम्मेदार लोगों को नोटिस दिया गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर सभी जिम्मेदारों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
- अरुन कुमार, डीएफओ