बैंक गेट बंद कर प्रदर्शन करते लोग।
- फोटो : Amar Ujala
नोटबंदी के बाद से बैंकों से कैश न मिल पाने से परेशान लोगों का गुस्सा सोमवार को फिर फूटा। गुलरिहा के परमेश्वरपुर और भटहट स्थित एसबीआई से कैश न मिलने पर नाराज लोगों ने बैंक में बाहर से ताला मारकर कर्मचारियों को बंधक बना लिया। नाराज लोग सड़कों पर उतर आए और रास्ता जाम कर कैश की मांग करने लगे। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद लोगों को सड़क से हटाया। दोनों ही जगहों पर करीब आधे घंटे तक जाम लगा रहा। उधर, हाटा बाजार में भी नाराज लोगों ने जाम लगाए रखा।
सरहरी प्रतिनिधि के मुताबिक परमेश्वरपुर एसबीआई शाखा पर लोग सुबह से ही एकत्र होने लगे थे, मगर बैंक खुलते ही कैश न होने की जानकारी दी गई तो लोग भड़क गए। उन्होंने बैंक में ताला जड़ दिया। यही नहीं, गुस्साए लोगों ने बालापर टिकरिया रोड जाम कर दी। पुलिस ने ताला खुलवाया, लेकिन कर्मचारी बैंक बंद कर चले गए। इसके बाद लोगों का गुस्सा और बढ़ गया और उन्होंने रास्ते को पूरी तरह से अवरुद्ध कर दिया। दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतार लग गई।
भटहट प्रतिनिधि के मुताबिक एसबीआई शाखा पर महिलाओं की संख्या सोमवार को ज्यादा थी। उन्हें भी जैसे यह मालूम हुआ कि कैश नहीं है, उन्होंने बैंक के गेट पर ताला बंद कर दिया। महिलाओं की संख्या ज्यादा होने से पुलिस भी बेबस दिखी। किसी तरह से लोगों को समझाकर हटाया गया। उधर, हाटा बाजार प्रतिनिधि के मुताबिक पूर्वांचल ग्रामीण बैंक पर लोग लाइन में लगे थे। यहां भी कैश न मिलने पर लोगों ने जाम लगा दिया। दो घंटे तक हाइवे जाम रहा, फिर पुलिस के समझाने पर लोग हटे।
लाइन में लगी युवती बेहोश, अफरातफरी
बांसगांव मेंं सोमवार को बैंक में कैश पहुंचने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए। बैंक में धक्कामुक्की होने लगी। इसी बीच एक युवती को चक्कर आ गया और वह बेहोश होकर गिर गई। इसके बाद बैंक में अफरातफरी मच गई। गार्ड व अन्य लोगों ने युवती को पास के अस्पताल पहुंचाया, जिसके बाद उसे होश आया। सोमवार की सुबह से ही एसबीआई मुख्य शाखा और पीएनबी बैंक के बाहर लंबी लाइन लगी थी क्योंकि लोगों को जानकारी हुई थी कि सोमवार को बैंक में पर्याप्त नकदी आई है। इसी दौरान एसबीआई की लाइन में ही खड़ी धुसुना गांव की पूजा भीड़ की वजह से गश खाकर गिर गई। पूजा कई दिनों से बैंक आ रही थी। सोमवार को भीड़ ज्यादा होने से उसकी तबीयत खराब हो गई।