नोटबंदी के 56 दिन बाद भले ही बैंक और एटीएम की स्थिति कुछ हद तक सामान्य हो गई हो, लेकिन अब भी लोगों की जरूरतें पूरी नहीं हो पा रहीं हैं। खासकर एटीएम से लोगों को घोषित रकम नहीं मिल रही है। इधर तनख्वाह और पेंशन की जरूरतों को देखते हुए लीड बैंक मैनेजर ने आरबीआई को 450 करोड़ रुपये की डिमांड भेजी है। अगर एक-दो दिन में करेंसी उपलब्ध नहीं कराई गई तो दिक्कत बढ़ जाएगी।
अभी कुछ दिन पहले रिजर्व बैंक ने 194 करोड़ रुपये भेजे थे। इनमें से 32 करोड़ रुपये पूर्वांचल बैंक को और 30 करोड़ रुपये स्टेट बैंक को दे दिए गए। बची हुई राशि देवरिया, बहराइच, गोंडा, बलरामपुर आदि जिलों को भेज दी गई। यहां के बैंकों के पास जरूरत के मुताबिक करेंसी नहीं बच पाई। इसी कमी को पूरा करने के लिए रिजर्व बैंक को फिर डिमांड भेजी गई है। लीड बैंक मैनेजर आरके सिंह ने बताया कि 450 करोड़ रुपये की डिमांड भेजी गई है। अगर आरबीआई की ओर से एक-दो दिनों में करेंसी उपलब्ध नहीं कराई गई तो फिर दिक्कत शुरू हो जाएगी।
रिजर्व बैंक की ओर से 500 के नोटों की कम आपूर्ति के चलते एटीएम से लोग साढ़े चार हजार रुपये नहीं निकाल पा रहे हैं। जिस भी एटीएम में कार्ड डालो, सिर्फ चार हजार रुपये ही निकल रहे हैं, जबकि सरकार ने एक जनवरी से एटीएम से रकम निकासी सीमा दो हजार से बढ़ाकर साढ़े चार हजार रुपये कर दी थी। इस बाबत लीड बैंक मैनेजर आरके सिंह का कहना है कि रिजर्व बैंक ने 500 के जो नोट भेजे थे, उनमें से अधिकांश नोट ग्रामीण क्षेत्रों में भेज दिए गए हैं। उधर, स्टेट बैंक के एटीएम प्रभारी आरसी दुबे का कहना है कि उनके करेंसी चेस्ट को अब तक आरबीआई से 500 के नोट नहीं मिल पाए हैं। यही वजह है कि एटीएम तक नोट नहीं पहुंच पा रहे हैं।