आनलाइन रजिस्ट्री पोर्टल लॉन्च करते सीएम योगी।
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गोरखपुर समेत मंडल के बाकी तीनों जिलों देवरिया, कुशीनगर और महराजगंज जिलों के रजिस्ट्री विभागों में बृहस्पतिवार को दिन भर हलचल रही। शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शासन स्तर पर प्रदेश के सभी जिलों के रजिस्ट्री विभागों की समीक्षा करेंगे। इसे बैठक को लेकर ही लंबित वादों, बड़े बकायेदारों से वसूली की स्थिति और आय आदि को लेकर रिपोर्ट तैयार करने में विभाग के आला अफसर और कर्मचारी जुटे रहे।
जिले स्तर पर रिपोर्ट तैयार करने के साथ ही मंडल स्तर पर डीआईजी स्टांप की देखरेख में भी एक रिपोर्ट तैयार की गई। समीक्षा बैठक में डीआईजी स्टांप रामानंद सिंह, एआईजी स्टांप गोरखपुर कमलेश शुक्ला समेत मंडल के अन्य एआईजी स्टांप भी मौजूद रहेंगे। इनमें से कुछ बृहस्पतिवार की शाम को ही लखनऊ रवाना हो गए जबकि कुछ शुक्रवार की सुबह रवाना होंगे।
संपत्ति की खरीद-बिक्री में स्टांप में कमी और चोरी रोकने को लेकर शासन सख्त है। ऐसे सभी स्रोत तलाशे जा रहे हैं जहां से स्टांप एक्ट के तहत विभाग में रजिस्ट्रेशन और स्टांप लगाना जरूरी है। तीन दिसंबर को शासन स्तर पर प्रमुख सचिव और आईजी निबंधन के नेतृत्व में हुई विभाग की समीक्षा बैठक में भी इसपर जोर दिया गया।
इसी क्रम में प्राइवेट बैंकों द्वारा संपत्ति पर लोन के मामलों में स्टांप नहीं लगवाने, टोल प्लाजा और ईट भट्ठा मालिकों द्वारा विभाग में रजिस्ट्रेशन नहीं कराने को लेकर मंडल स्तर पर डीआईजी स्टांप ने सख्त रुख अख्तियार किया है। सभी को नोटिस देकर वाद दाखिल करने और स्टांप ड्यूटी निर्धारण का काम तेज हो गया है।
बहरामपुर में बोर्ड, रजिस्ट्री दफ्तर में सूचना चस्पा
बहरामपुर से करीब दो एकड़ सीलिंग की जमीन कब्जे से छुड़ाने के बाद गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने जहां उस इलाके में बोर्ड लगाकर संबंधित जमीनों को सीलिंग का जमीन बताया है वहीं रजिस्ट्री दफ्तर में भी इस बाबत सूचना चस्पा की गई है कि बहरामपुर की संबंधित गाटे की जमीन सीलिंग की है जिसकी खरीद-बिक्री नहीं हो सकती। वहीं डीएम के. विजयेंद्र पांडियन की तरफ से महादेव झारखंडी के कुछ गाटों की जमीन को सीलिंग का बताते हुए अपील की गई है कि उसकी खरीद-बिक्री या वहां कोई निर्माण न किया जाए। मामला कोर्ट में चल रहा है और सरकार के जीतने पर उसे ध्वस्त करा दिया जाएगा।