जिस देश में दुश्मन की लाश को भी पूरा सम्मान दिया जाता है। वहां स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही की वजह से एक युवक के शव को चुहे कुतर गए। मेडिकल कालेज की मोर्चरी में चाइल्ड लाइन कर्मचारी विवेक कुमार (30) के शव को चुहों ने कुतर डाला। विवेक की मौत से दुखी परिजनों ने जब शव के चेहरे से मांस गायब देखा तो उनकी पीड़ा और बढ़ गई। इससे नाराज कुछ लोगों ने हंगामा किया। पर अपनी लापरवाही पर अफसोस प्रकट करने के बजाय विभाग ने मोर्चरी में पुलिस भिजवा दी। वहां पहले से ही दुखी घरवालों को पुलिस ने अपने तरीके से समझा कर शांत करा दिया।
पुलिस के मुताबिक गोलघर काली मंदिर निवासी विवेक कुमार पिछले करीब सात महीने से चाइल्ड लाइन दफ्तर में काम कर रहा था। मंगलवार को पिता से उसका किसी बात पर विवाद हो गया। इसके बाद विवेक घर से आफिस जाने के लिए निकला लेकिन आफिस नहीं पहुंचा। कुछ देर बाद काली मंदिर के पास ही वह सड़क के किनारे अचेत हाल में मिला। मुंह से झाग निकल रहा था।
परिवारीजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने मेडिकल कालेज रेफर कर दिया। वहां इलाज के दौरान मंगलवार की शाम चार बजे उसकी मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम हाउस की मोर्चरी में रखा गया। बुधवार को जब शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया तब पता चला कि उसका चेहरे से मांस गायब था। पोस्टमार्टम कर्मचारियों से पता चला कि शव को चूहे ने कुतर दिया है। इससे नाराज परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया।
मामले की जानकारी नहीं है। पता करके जांच कराएंगे। मोर्चरी में जो दुर्व्यवस्था है, उसको दुरुस्त कराया जाएगा।
- श्रीकांत तिवारी, मुख्य चिकित्साधिकारी