शनिवार की रात आठ बजे से डायल 100 की गाड़ियां दौड़ने लगेगी। पंचायती राज्यमंत्री राम गोविंद चौधरी पुलिस लाइंस में इसका उद्घाटन करेंगे। इसके बाद से गाड़ियों को जिले में रवाना कर दिया जाएगा। जिले को मिली 49 गाड़ियों में से 16 गाड़ियां शहरी और 33 गाड़ियां देहात क्षेत्र में रहेंगी। इसके लिए जिले में 46 बेस बनाए गए हैं। हर पांच किलोमीटर के दायरे में एक गाड़ी को रखने का टारगेट रखा गया है जिसकी निगरानी लखनऊ से जीपीएस के जरिए की जाएगी।
प्रदेश के 20 जिलों में डायल 100 की शुरुआत होनी है। जिले में बनाए गए 46 बेस में से 12 बेस शहरी क्षेत्र में और 34 बेस देहात क्षेत्र में होंगे। इसके पीछे की मंशा है कि सूचना मिलने के बाद शहरी क्षेत्र में 15 मिनट और देहात क्षेत्र में 20 मिनट में पुलिस पहुंच जाए। 100 नंबर पर मिलाते ही सबसे पहले कॉल लखनऊ कंट्रोल रूम को जाएगी। वहां मौजूद ऑपरेटर पीड़ित से उसकी समस्या और उसका लोकेशन पूछेगा। बातचीत के दौरान ही जिलेवार बनाए गए डीओ के पास जानकारी ट्रांसफर करेगा और वहां से जीपीसए सिस्टम से लैस डायल 100 की गाड़ी के एमडीटी पर सूचना भेजी जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया में तीन से पांच मिनट लगेगा। डायल 100 की गाड़ी में मौजूद एमडीटी के स्क्रीन पर न सिर्फ संदेश आएगा बल्कि कहां से कॉल आई थी उसका मैप भी जीपीएस सिस्टम के जरिए सामने आ जाएगा। उसके बाद गाड़ी घटनास्थल के लिए रवाना हो जाएगी। किसी कारणवश सूचना नहीं पहुंची तो वायरलेस या मोबाइल से जानकारी दी जाएगी।
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ए, बी, सी, डी प्लान पर करेगा काम
गाड़ियों को तय स्थान पर खड़ा होने की जानकारी अपराधियों या किसी भी अन्य को न हो इसके लिए ए, बी, सी, डी प्लान तैयार किया गया है। आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया कि इस प्लान के तहत ही डायल 100 काम करेगा। सुबह प्लान निर्धारित होगा, जिसकी जानकारी सिर्फ पुलिस वालों को ही होगी। सुबह सबेरे यह तय किया जाएगा जाएगा कि आज किस प्लान के तहत गाड़ी को खड़ा होना। हर प्लान में गाड़ी के खड़े होने की जगह निर्धारित की गई है।
एक गाड़ी में होंगे तीन पुलिसकर्मी
एक गाड़ी में चालक सहित तीन पुलिस कर्मी होंगे। इसमें एक कांस्टेबल, एक हेड कांस्टेबल और एक चालक। जिले में डायल 100 में 332 पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। 115 कांस्टेबल और 115 हेड कांस्टेबल तथा 102 ड्राइवर हैं। जिले में इसके प्रभारी इंस्पेक्टर बीरसेन सिंह को बनाया गया है जबकि जोनल प्रभारी एएसपी संजय कुमार होंगे। दो शिफ्टों में अभी यह स्टाफ काम करेगा। शाम आठ से सुबह आठ और सुबह आठ से शाम आठ तक यह शिफ्ट होगा। अधिक पुलिसकर्मी होने की वजह से छुट्टी की दिक्कत नहीं होगी।
पुराने कंट्रोल में होंगे यह काम
नए डायल 100 की शुरुआत के बाद पुराने कंट्रोल रूम को भी क्रियाशील रखा जाएगा। यहां पर महिला हेल्प लाइन, चाइल्ड लाइन, अग्निशमन, यातायात से संबंधित शिकायतें दर्ज होंगी। इसके अलावा किसी कारणवश सूचना के बाद डायल 100 नहीं गया तो इसी कंट्रोल रूम से गाड़ी भेजी जाएगी।
शनिवार को डायल 100 की शुरुआत होनी है। इसकी पूरी तैयारी है। इसकी शुरुआत के बाद शिकायत मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंचेगी और सुलह समझौता कराएगी। बड़ा मामला होने पर संबंधित थाने को सूचना देना होगा। इनके व्यवहार को लेकर फीड बैक लिया जाएगा, कहीं भी शिकायत आई तो कार्रवाई भी की जाएगी।
डॉ. मोहित अग्रवाल, आईजी जोन