गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) में जमीन के आवंटन में बड़ा घोटाला सामने आया है। नियम कानून ताक पर रखकर पार्क की जमीन ही नहीं आवंटित कर दी गई बल्कि उसका वजूद मिटाने के लिए सभी पेड़-पौधे भी कटवा दिए गए। दो-दो बार कुछ भूखंड को हस्तांतरित कर प्राधिकरण को क्षति अलग से पहुंचाई गई। अगर इन भूखंडों को निरस्त कर नीलामी के माध्यम से इनका आवंटन किया गया होता तो उससे जमीन की वर्तमान बाजार दर के मुताबिक गीडा को आय होती।
जांच रिपोर्ट के मुताबिक इन सभी तरह की अनियमितताओं के लिए गीडा के पूर्व मुख्य कार्यवाहक अधिकारी (सीईओ) ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी और संपत्ति प्रबंधक एके सिंह को दोषी पाया गया है। जांच रिपोर्ट के साथ दोनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कमिश्नर ने औद्योगिक विकास अनुभाग को विशेष वाहक के जरिए संस्तुति भेजी है। वहीं, गीडा में एक और मामला प्रकाश में आया है, जिसमें विज्ञापन तो 26 भूखंडों के लिए निकाला गया मगर आवंटन 83 भूखंडों का कर दिया गया।
सहजनवां के नीरज तिवारी, चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज गीडा के अध्यक्ष दाता राम सिंह, सपा के जिला महासचिव इशराक अब्बासी और फरेंदा, महराजगंज के विनोद तिवारी ने गीडा के सीईओ पर गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। कमिश्नर ने इसे गंभीरता से लेते हुए सीडीओ कुमार प्रशांत और पूर्व अपर आयुक्त बसंत राम को मामले की जांच सौंपी थी। दोनों ही अधिकारियों ने अपनी जांच रिपोर्ट में सभी शिकायतों को सही बताया। रिपोर्ट में कहा गया कि लक्ष्मीकांत राय पुत्र दीनानाथ राय के पक्ष में 24 मई 2012 को सेक्टर 22 में वाणिज्यिक भूमि आवंटित की गई मगर बाद में उसे बदलकर सेक्टर नौ में आवंटित कर दिया गया जो गीडा के ग्रीनबेल्ट के तहत आता है। किसी को संदेह न हो इसलिए वहां लगे वृक्षों को काट दिया गया।
जांच कमेटी ने जब इस मामले में सीईओ से आख्या मांगी तो उन्होंने जवाब दिया कि शिकायतकर्ता से शिकायत की पुष्टि के लिए पत्र भेजा गया था मगर उसका पता सही नहीं पाया गया। इसपर कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में यह टिप्पणी की है सीईओ को शिकायत के संबंध में बताना था न की शिकायत की पुष्टि करना। इसी तरह गीडा की ओर से पार्क के लिए आरक्षित भूखंड संख्या- डी-1/2 ई सेक्टर 13 का आवंटन श्रीप्रकाश मिश्र एवं भूखंड संख्या ए-4/18 ए सेक्टर 13 ज्ञान प्रकाश यादव के पक्ष में आवंटित कर दिया गया।
गीडा में गड़बड़ी की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। मेरे खुद के निरीक्षण में सड़कों समेत कई योजनाओं में गड़बड़ी मिल चुकी है। जमीनों के आवंटन में हुए खेल की क मेटी से जांच कराई थी। जांच में कई बड़ी गड़बड़ियां पाई र्गइं। एक तरफ सरकार जहां प्रदूषण कम करने के लिए हरियाली को बढ़ावा दे रही है, वहीं जिम्मेदारों ने पार्क की जमीन को ही आवंटित कर दिया। जांच रिपोर्ट के साथ ही संबंधित के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा है।
- पी गुरुप्रसाद, कमिश्नर