जिला अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों की दुश्वारियां कम नहीं होे रही हैं। दवाओं का संकट तो पहले से ही बना हुआ है, मगर 22 दिन से सीटी स्कैन मशीन खराब होने के कारण यह समस्या और भी बढ़ गई। इस कारण एक हफ्ते में अब तक 175 मरीज निराश लौट चुके हैं। वहीं अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की कमी भी संकट को और बढ़ा रही है।
जिला अस्पताल के आरडीसी (क्षेत्रीय निदान केंद्र) में सीटी स्कैन कराने के लिए दूरदराज से रोजाना लगभग 30 मरीज पहुंचते हैं। मगर 22 दिन पहले मशीन खराब हो गई। इसके बाद से ही इसकी मरम्मत नहीं हो पाई। पहले भी यह समस्या कई बार आ चुकी है। मशीन की मरम्मत के लिए अधिकृत कंपनी ने भी बकाया भुगतान न मिलने से मशीन की मरम्मत करने से मना कर दिया। वहीं अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की कमी भी मरीजों की परेशानी बढ़ा रही है। यहां दिसंबर तक एक ही रेडियोलॉजिस्ट थे, उनके रिटायर्ड होने के बाद किसी दूसरे की पोस्टिंग नहीं हुई। ग्रामीण इलाकों में भी कोई रेडियोलॉजिस्ट और सीटी स्कैन मशीन न होने से वहां के मरीज भी जिला अस्पताल आने को मजबूर हैं।
बुधवार को अस्पताल पहुंचे महावीर छपरा निवासी अमित ने बताया कि सीटी स्कैन के लिए हफ्ते में दूसरी बार आया हूं, लेकिन इस बार भी निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है। इससे अच्छा है कि बाहर ही जांच करा लें। बार-बार आने में जेब भी ढीली करनी पड़ती है। ऐसे ही खजनी से आए रामसूरत (65) भी निराश होकर इस आस में लौट गए कि अगली बार जब आएंगे तो उनका सीटी स्कैन हो जाएगा।
सीटी स्कैन मशीन की खराबी और डॉक्टरों की कमी को लेकर कई बार आला अफसरों को अवगत कराया गया है, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई आदेश नहीं आया है। प्रयास किया जा रहा है कि डॉक्टरों की कमी जल्द दूर किया जा सके और शासन से फंड की व्यवस्था कराकर ठप पड़ी मशीन को चालू किया जा सके।
- एचआर यादव, एसआईसी