डाक घर में जुटे नोट बदलवाने वाले लोग।
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नोट बदलने वालों की भीड़ और कहीं भले ही कम न हो लेकिन डाकघरों में अब भीड़ कम होने लगी है। बृहस्पतिवार को प्रधान डाकघर में 500 और 1000 के नोट बदलने आए लोगों की और दिनों की अपेक्षा काफी कम संख्या थी। बीते दिनों डाकघर में काउंटरों पर बड़ी संख्या में लोग कतार में खड़े हो रहे थे।
बृहस्पतिवार को इनकी संख्या कम रही और शंातिपूर्ण ढंग से नोट भी बदले। दोपहर में करीब एक बजे नोट खत्म हो गए। इस पर कुछ लोगों ने नाराजगी तो जाहिर की। पुलिस वालों ने समझाया तो लोग चले गए। हेड पोस्टमास्टर लक्ष्मी नारायण तिवारी ने बताया कि गुरुवार को नोट बदलने वालों की संख्या काफी कम रही। बताया कि एसबीआई मुख्य ब्रांच से 60 लाख रुपये की मांग की गई है। शुक्रवार से 2000 रुपये तक बदले जाएंगे।
डाक विभाग ने खरीदकर लगाई स्याही
डाक विभाग ने भी गुरुवार को नोट बदलने पहुंचे लोगों की अंगुली पर स्याही लगाई। इसके लिए प्रधान डाकघर में बाजार से चार शीशी स्याही खरीद कर लाई गई। बता दें केंद्र सरकार ने मंगलवार को नोट बदलने के काम को कारोबार के रूप में इस्तेमाल करने वालों पर लगाम लगाने के लिए नए नियम बनाए थे। इसके तहत पुराने नोट बदलने आने वाले लोगों की अंगुली पर ठीक वैसी ही स्याही लगाने का आदेश दिया था, जैसे मतदान देने के वक्त लगाई जाती है।
बुधवार को स्याही डाकघर न पहुंचने पर लोगों को नहीं लगाई जा सकी थी। गुरुवार को भी यह डाकघर नहीं भेजी गई। इसके बाद प्रबंधन ने बाजार से स्याही मंगाकर नोट बदलने वालों की अंगुली पर लगाई। हेड पोस्टमास्टर लक्ष्मी नारायण तिवारी ने बताया कि चार शीशी अमिट छाप स्याही बाजार से मंगाई गई है, जिनके हाथों में स्याही लग चुकी है। अब वह हफ्ते भर तक नोट नहीं बदल सकेंगे।