गोरखपुरी। पिपराइच के जंगल छत्रधारी गांव के बिचऊपुर टोले में जहरीली शराब पीने से हुई छह मौतों के आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने एनएसए लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। शराब पिलाने के मामले में आरोपी ग्राम प्रधान प्रत्याशी और उसके भाई को पहले ही जेल भेजा जा चुका है।
चरगांवा ब्लाक के जंगल छत्रधारी में मतदाताओं को अपने पाले में करने के लिए शराब और दावतों का दौर चल रहा था। बिचऊपुर टोले से चुनाव लड़ रहे धनंजय साहनी के यहां भी रोज दावत होती थी। बीमारों की मानें तो प्रत्याशी के घर के सामने ड्रम में शराब रख दी जाती थी, जिसे जितना पीना हो पी सकता था।
25 नवंबर को रात नौ बजे दावत चल रही थी। इस दौरान शराब पीने के बाद समर्थक घर चले गए। रात में अचानक एक-एक की तबीयत खराब होने लगी। 26 नवंबर को रामललित और मन्नू की मौत हो गई। इसके बाद गांव में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में बीमार लोगों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। वहां इलाज के दौरान चार अन्य ने भी दम तोड़ दिया।
इस मामले में मन्नू के पिता गणेश की तहरीर पर पिपराइच पुलिस ने धनंजय साहनी, उसके भाई भरत साहनी सहित अज्ञात के खिलाफ हत्या व अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। सूत्रों के मुताबिक दोनों के खिलाफ एनएसए लगाने के लिए एसएसपी लव कुमार ने फाइल डीएम के यहां भेज दी है।
मेडिकल कॉलेज से हुए डिस्चार्ज
मेडिकल कॉलेज में इलाज करा रहे 13 मरीजों को मंगलवार को डिस्चार्ज कर दिया गया। डॉक्टरों के मुताबिक सभी मरीज खतरे से बाहर हैं। हालांकि, दो मरीजों की आंखों में दिक्कत होने के कारण उन्हें चेकअप के लिए समय-समय पर आने की हिदायत दी गई है।
छह दिन में पकड़ी 1500 लीटर शराब
आबकारी टीम ने छह दिनों में लगभग 1500 लीटर शराब और 4000 क्विंटल लहन नष्ट किया। संयुक्त आबकारी अधिकारी हर्ष चौधरी, उप आबकारी आयुक्त राधेश्याम मिश्र, जिला आबकारी अधिकारी सुरेश कुशवाहा, आबकारी निरीक्षक प्रवीण पांडेय, संतोष, दिनेश, वीरेंद्र ने बहरामपुर, तिकोनिया जंगल के शेश्रगढ़, सैनिक विहार, राजघाट, विचऊपुर टोला, जंगल छत्रधारी, सिक्टौर, मानीराम, चौरीचौरा, कैंपियरगंज आदि जगहों पर छापेमारी की।